पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बाबू वीर कुंवर सिंह समाज के सभी तबकों को जोड़कर चलते थे। लोगों को इसे याद रखना चाहिए। उनकी याद में यूनिवर्सिटी का निर्माण पहले ही कर दिया गया था। गंगा पुल एवं कृषि महाविद्यालय का भी नामकरण उनके नाम पर किया गया है।
बाबू कुंवर सिंह के जन्मस्थान जगदीशपुर को भी विकसित किया गया है। वहां जाकर काफी खुशी मिलती है। हमलोग बचपन से ही उनके बारे में सुनते रहे हैं। वीर कुंवर सिंह के विजयोत्सव पर आयोजित राजकीय समारोह के बाद मुख्यमंत्री प़त्रकारों को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि देश की आजादी में वीर कुंवर सिंह की भूमिका को स्कूल के सिलेबस में भी शामिल किया है। विजयोत्सव का आयोजन राष्ट्रीय स्तर पर भी होना चाहिए। बाबू वीर कुंवर सिंह ने आजादी की लड़ाई सिर्फ बिहार में ही नहीं बल्कि देश के कई प्रदेशों में जाकर लड़ी थी। 80 वर्ष की उम्र में उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी। जख्मी होने के बाद भी वे लड़ते रहे, उन्होंने जीत हासिल की और देश के लिए अपना बलिदान दे दिया।
सूचना एवं जन-संपर्क विभाग के कलाकारों ने आरती पूजन, भजन कीर्तन, बिहार गीत एवं देशभक्ति गीतों को पेश किया। इस अवसर पर डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद, राज्य सरकार के मंत्री विजय कुमार चौधरी, संजय कुमार झा, लेशी सिंह एवं जिवेश कुमार, कई पूर्व मंत्री, राजनीतिक और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी श्रद्धांजलि दी।