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राज्यों को जाता है केंद्र का 42 फीसदी राजस्व

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार के पास जो राजस्व आता है, उसका 42 प्रतिशत राज्यों के पास चला जाता है। उन्होंने सभी राज्यों से अपील की है कि वैश्विक संकट के इस समय कॉपरेटिव फेडरेलिज्म की भावना पर चलते हुए एक टीम के रूप में काम करें।

मुख्यमंत्रियों के साथ कोविड स्थिति की समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि देशवासियों पर पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमत का बोझ कम करने के लिए केंद्र सरकार ने नवंबर, 2021 में एक्साइज ड्यूटी कम की थी। केंद्र सरकार ने राज्यों से भी आग्रह किया था कि वे अपने यहां वैट कम करें।

कुछ राज्यों ने तो भारत सरकार की भावना की अनुरूप टैक्स कम कर दिया, लेकिन कुछ ने अपने राज्य के लोगों को इसका कोई लाभ नहीं दिया। इस कारण पेट्रोल-डीजल की कीमत इन राज्यों में अभी भी दूसरे राज्यों के मुकाबले अधिक है। यह एक तरह से इन राज्यों के लोगों के साथ अन्याय है। इससे पड़ोसी राज्यों को भी नुकसान पहुंचता है।

जो राज्य टैक्स में कटौती करते हैं, उन्हें राजस्व की हानि होती है। कुछ राज्यों ने अपने नागरिकों की भलाई के लिए पेट्रोल-डीजल पर वैट कम की, जबकि झारखंड, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु एवं केरल ने टैक्स में कोई कमी नहीं की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं इस बात में नहीं जाऊंगा कि इस दौरान इन राज्यों ने कितना रेवेन्यू कमाया। मेरी अपील है कि देशहित में पिछले साल नवंबर माह में जो टैक्स कम करना था। अब भी आप इसमें कमी कर इसका लाभ अपने राज्य के नागरिकों को पहंुचा सकते हैं।

 


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