पटना। बिहार लोक सेवा आयोग से अनुशंसित बिहार कृषि सेवा (शष्य) वर्ग कोटि-एक के 170 पदाधिकारियों में प्रशिक्षण प्रमाणपत्र वितरित किया गया। प्रशिक्षण का आयोजन बामेती में 26 अप्रैल से 19 मई तक किया गया था। इस मौके पर विकास आयुक्त विवेक कुमार सिंह ने सभी अधिकारियों को प्रमाणपत्र दिया।
विकास आयुक्त ने नवनियुक्त कृषि अधिकारियों से कहा कि अब तक आपने जो पढ़ाई की है। उसे व्यावहारिक रूप से उपयोग करने का समय आ गया है। सबसे पहले अधीनस्थ कर्मी आपके ज्ञान को परखेंगे। अगर आपके पास व्यावहारिक ज्ञान नहीं है, तो आप समस्याओं का समाधान नहीं कर पाएंगे। ज्ञान से कभी भी समझौता नहीं करना है। आपका व्यक्तित्व सबसे महत्वपूर्ण होगा।
उन्होंने कहा कि खेती का काम समयबद्ध होता है। उदाहरण के तौर पर खरीफ मौसम शुरू होने वाला है। किसानों को कब, कैसे और किस प्रकार का बीज पहुंचाना है। यह सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
कृषि सचिव ने कहा कि सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों की पोस्टिंग कर दी गई है। सभी पदाधिकारी 30 मई से जिला कृषि पदाधिकारी एवं 18 जुलाई से विभिन्न योजनाओं के नोडल पदाधिकारी, मुख्यालय, बोर्ड एवं निगम में प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे।
सभी पदाधिकारी 15 दिनों तक प्रखंड कृषि पदाधिकारी एवं कृषि समन्वयक और दो दिनों तक अनुमंडल कृषि पदाधिकारी के रूप में कार्यानुभव प्राप्त करेंगे। साथ ही दो दिन कृषि विज्ञान केंद्र, दो दिन परियोजना निदेशक (आत्मा) कार्यालय एवं तीन दिन जिला कृषि कार्यालय में प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे।
इस अवसर पर कृषि निदेशक आदित्य प्रकाश, उद्यान निदेशक नंदकिशोर, विशेष सचिव विजय कुमार, संयुक्त सचिव शैलेंद्र कुमार, अपर निदेशक धनंजयपति त्रिपाठी एवं पीपीएम निदेशक अशोक प्रसाद सहित कई पदाधिकारी उपस्थित थे।