पटना। बरौनी खाद कारखाने से अगस्त 2022 तक उत्पादन शुरू होने की संभावना है। यूरिया खाद कारखाने की लागत 8388 करोड़ है। राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी के एक प्रश्न के जवाब में केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री भगवंत खूबा ने यह जानकारी दी।
एक अन्य प्रश्न के उत्तर में केंद्रीय मंत्री ने बताया कि बिहार में लिक्विड नैनो यूरिया प्लांट लगाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। छह राज्यों की आठ जगहों पर लिक्विड नैनो यूरिया के फैक्ट्री स्थापित किए जा रहे हैं। इन जगहों पर प्रतिवर्ष 48 करोड़ बोतल का उत्पादन होगा।
वित्त राज्य मंत्री भगवत कराड ने एक प्रश्न के उत्तर में बताया कि बिहार में प्रधानमंत्री जनधन योजना के अंतर्गत 5 करोड़ 18 लाख खाते खोले गए हैं। इनमें 18 हजार करोड़ रुपए जमा है।
पूर्वी चंपारण, पटना, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर एवं सारण के प्रत्येक जिले में 22 लाख से ज्यादा खाते खोले गए हैं। पूर्वी चंपारण में सर्वाधिक 24 लाख 44 हजार एवं शेखपुरा जिले में सबसे कम दो लाख 99 हजार खाते खुले हैं।
पटना जिले में सर्वाधिक 982 करोड़ रुपए जमा है। गया जिला में 911 करोड़, मुजफ्फरपुर में 817.79 करोड़, सारण में 863 करोड़ एवं पूर्वी चंपारण में 697.05 करोड़ जमा है।