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महोत्सव में विशेषज्ञों ने बताये मखाना के औषधीय गुण

राष्ट्रीय मखाना महोत्सव में विशेषज्ञों ने मखाना के औषधीय गुणों की जानकारी दी। आईजीआईएमएस के डॉ मनीष मंडल ने कहा कि सरकार को मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया को अनुशंसा भेजनी चाहिए कि डॉक्टर विटामिन के टेबलेट की जगह मखाना की अनुशंसा करे। इसमें एंटीऑक्सीडेंट भरपूर होता है। 

पटना के ज्ञान भवन में दो दिवसीय राष्ट्रीय मखाना महोत्सव का शुभारंभ राज्य सरकार के कृषि सलाहकार डॉ मंगला राय, कृषि विभाग के सचिव संजय कुमार अग्रवाल, बांग्लादेश उच्चायुक्त के काउंसलर अब्दुल वादुद अकंडा ने किया। 

कृषि विभाग के सचिव ने बताया कि स्वस्थ भोजन को लेकर बढ़ती जागरूकता के कारण मखाना आधुनिक समय का सुपरफूड है। प्रोटीन एवं फाइबर की प्रचूर मात्रा के साथ इसमें कई पोषक तत्व प्रचूर मात्रा में हैं।

सीमित उपलब्धता एवं जागरूकता की कमी के कारण मखाना खास लोगों का व्यंजन बनके रह गया है। राज्य में मखाना के उत्पादन एवं विकास के लिए कृषि  विभाग की कई योजनाएं हैं। उन्होंने कहा कि महोत्सव में आये एक किसान ने बताया कि धान एवं गेहूं की खेती से दो से तीन गुना ज्यादा फायदा मखाना की खेती से हुआ है। मिथिला मखाना को 16 अगस्त, 2022 को जीआई टैग मिला है। 

मखाना महोत्सव के आयोजन का उद्देश्य मखाना को आम लोगों तक पहुंचाना एवं उत्पाद और निर्यात क्षमता बढ़ाना है। महोत्सव में वैज्ञानिक, मखाना के प्रगतिशील किसान, देश एवं राज्य के प्रमुख निर्यातक एवं ट्रेडर्स को आमंत्रित किया गया है। 

कृषि सलाहकार डॉ मंगला राय ने कहा कि मखाना के मूल्य संवर्धन पर काम करने की जरूरत है। हमें अनुसंधान और तकनीकी विकास पर भी चर्चा करनी होगी। बिहार के कृषि विश्वविद्यालयों में हम सेकेंडरी एजुकेशन शुरू करने जा रहे हैं। इसमें वेस्ट को वेल्थ में बदलना हमारा मकसद होगा। पूसा गुड़ के साथ मखाना के फोर्टिफिकेशन से किसानों की आमदनी बढ़ेगी। किसानों से  हमेशा फीड बैक लेते रहना चाहिए ताकि उत्पाद के विविधता पर काम हो सके। 


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