दो दिवसीय बिहार बिजनेस कनेक्ट में आये निवेशकों ने बदलते बिहार की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि अब तक हम बिहार में अपने प्रोडक्ट को बेचते रहे हैं। अब समय है कि बिहार के लिए कुछ किया जाए।
निवेशकों ने कहा कि बिहार बहुत बड़ा बाजार है। यहां आधारभूत संरचना में काफी सुधार हुआ है। बिहार की बदलती तस्वीर को देखते हुए हम बिहार में टेक्सटाइल एवं लेदर क्षेत्र में निवेश की घोषणा कर रहे हैं। टेक्सटाइल क्षेत्र रोजगार सृजन में काफी सहायक होगा।
नाहर ग्रप के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक कमल ओसवाल ने पटना के समीप लॉजिस्टिक पार्क लगाने की चर्चा की। उन्होंने कहा कि यहां 300 से 350 करोड़ का निवेश होगा। करीब दो हजार लोगों को रोजगार मिल सकेगा।
कमल ओसवाल ने समिट में बांग्लादेश का उदाहरण देते हुए कहा कि बांग्लादेश और बिहार की आबादी लगभग बराबर है। टेक्सटाइल हब बांग्लादेश के पास इंटरनेशनल ऑर्डर काफी अधिक है। बिहार सरकार को एक डेलिगेशन बांग्लादेश भेज कर इसका अध्ययन कराना चाहिए।
सावी लेदर्स के निदेशक विजय झा ने मधुबनी के पंडौल में 274 करोड़ के निवेश की घोषणा की। उन्होंने कहा कि पंडौल यूनिट में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। बिहार के बाहर हमारी दूसरी यूनिट से 12 देशों में प्रोडक्ट जा रहा है। प्रभावती टेक्सटाइल के पवन ने 94 करोड़ निवेश की घोषणा की।

कोमल टैक्सफैब के अध्यक्ष सुरेश बगरेचा ने पटना के नजदीक उद्योग लगाने की बात कही। उन्होंने कहा कि बिहार की यूनिट से चार से पांच हजार लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।
रूपा कंपनी के एमडी रमेश अग्रवाल ने कहा कि बिहार हमारे लिए बहुत बड़ा बाजार है। हमारी कंपनी यहां निवेश करेगी।
हाई स्पिरिट कॉमर्शियल वेंचर्स की यूनिट मुजफ्फरपुर एवं मोतिहारी में लग रही है। एमडी तुषार जैन ने मिल रही सभी सुविधाओं की चर्चा की।
हंगरी एवं वियतनाम से आये प्रतिनिधियों ने भी अपनी बात रखी। एसबीआई बिहार सर्किल के सीजीएम शिव ओम दीक्षित ने निवेशकों को बैंक की तरफ से हर सहयोग का आश्वासन दिया।
उद्योग मंत्री समीर महासेठ एवं अपर मुख्य सचिव संदीप पौंड्रिक ने राज्य सरकार की ओर से दी जाने वाली सुविधाओं की चर्चा की। उद्योग मंत्री ने कहा कि अगले तीन वर्षों में बिहार को टॉप टेन राज्यों में शामिल करना है।