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आत्मनिर्भर भारत की प्रेरणा है अमूल 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आजादी के बाद भारत में डेयरी के कई ब्रांड उभरे हैं, लेकिन अमूल जैसा कोई नहीं है। अमूल आत्मनिर्भर भारत की प्रेरणा है।

उन्होंने कहा कि अमूल भारत के पशुपालकों की ताकत का प्रतीक बन गया है। अमूल का मतलब है विश्वास, विकास, जन भागीदारी, किसानों का सशक्तिकरण और समय के साथ तकनीकी प्रगति। 

प्रधानमंत्री अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में गुजरात सहकारी दूध विपणन महासंघ (जीसीएमएमएफ) के स्वर्ण जयंती समारोह को संबोधित कर रहे थे। समारोह में 1.25 लाख से अधिक किसान शामिल हुए।

प्रधानमंत्री ने बताया कि अमूल के उत्पाद 50 से अधिक देशों में निर्यात किए जाते हैं। 18,000 से अधिक दूध सहकारी समितियां, 36,000 किसानों का नेटवर्क, प्रतिदिन 3.5 करोड़ लीटर से अधिक दूध के प्रसंस्करण और पशुपालकों को 200 करोड़ रुपये से अधिक का ऑनलाइन भुगतान किया जाता है। 

उन्होंने कहा कि नारी शक्ति डेयरी क्षेत्र की असली ताकत है। सहकारी समितियों और सरकार के बीच तालमेल से भारत आठ करोड़ लोगों को रोजगार देकर दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश बन गया है। 

पिछले 10 वर्षों में दूध उत्पादन में लगभग 60 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता में भी लगभग 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। भारतीय डेयरी क्षेत्र वैश्विक औसत दो प्रतिशत की तुलना में प्रति वर्ष छह प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है।

इस अवसर पर गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, केंद्रीय पशुपालन, डेयरी राज्य मंत्री परषोत्तम रूपाला और जीसीएमएमएफ के अध्यक्ष शामल बी.पटेल भी मौजूद रहे। 
 


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