बिहार में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) का महागठबंधन ने विरोध किया है। 9 जुलाई को महागठबंधन ने पूरे बिहार में चक्का जाम करने का निर्णय लिया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी इसमें शामिल होंगे।
पटना के आयकर गोलंबर से वीरचंद पटेल पथ होते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय तक विशाल प्रदर्शन होगा।
महागठबंधन के संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम, वीआईपी के मुकेश सहनी, सीपीआई माले के कुणाल, सीपीआईएम के अवधेश कुमार, सीपीआई के रामबाबू ने यह जानकारी दी।
तेजस्वी प्रसाद यादव ने कहा कि वोटर लिस्ट रिविजन को लेकर पटना स्थित मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय जाकर महागठबंधन के नेताओं ने कई सवाल किए थे, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं आया है।
हर दिन चुनाव आयोग नये-नये निर्देश जारी कर रहा है। आधार, मनरेगा एवं राशन कार्ड पर संशय बना हुआ है जबकि चुनाव आयोग के फॉर्म 6 में ये सभी दस्तावेज नये वोटर्स के लिए मान्य हैं।
चुनाव आयोग के 24 जून 2025 की अधिसूचना में इन दस्तावेजों को कोई मान्यता नहीं है। वोटर लिस्ट रिविजन के लिए अलग से 11 दस्तावेज मांगे गए हैं। 25 जुलाई 2025 तक इसे उपलब्ध कराना सभी के लिए आसान नहीं है।
बिहार के 4 करोड़ से अधिक निवासी बाहर रहते हैं। समय पर दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराने पर उनका नाम वोटर लिस्ट से हट जाएगा। चुनाव आयोग के विज्ञापन को लेकर भी विरोधाभास है। आयोग विज्ञापन में कुछ बातें कहता है, वहीं दिशा-निर्देश में दूसरी बातें हैं।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि जब 25 जनवरी 2025 को फाइनल वोटर लिस्ट आ गया, तब वोटर लिस्ट रिविजन नहीं होना चाहिए। 9 जुलाई के चक्का जाम में राहुल गांधी भी पटना आ रहे हैं। ईआरओ को जो अधिकार मिले हैं, वह उचित नहीं है।