बिहार पंप भंडारण परियोजना प्रोत्साहन नीति 2025 के प्रारूप को राज्य सरकार से मंजूरी मिल गई। इस नीति का उद्देश्य राज्य में स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में पंप स्टोरेज परियोजना (पीएसपी) को बढ़ावा देना और ऊर्जा भंडारण समाधान के माध्यम से ग्रिड की स्थिरता बनाए रखना है।
ऊर्जा विभाग के इस प्रस्ताव समेत विभिन्न विभागों के 30 प्रस्तावों को कैबिनेट ने स्वीकृति दी। पंप स्टोरेज परियोजना जल आधारित प्रणाली है। यह बिजली की मांग कम होने पर पानी को ऊपर उठाकर संग्रह करती है और मांग बढ़ने पर उस पानी से टर्बाइन चलाकर बिजली उत्पन्न करती है।

कैबिनेट की बैठक के बाद डिप्टी सीएम सह वित्त मंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत सौर, पवन और बायोमास की हिस्सेदारी बढ़ने के साथ़ ग्रिड की स्थिरता बनाए रखने की चुनौती भी बढ़ रही है। इस दिशा में पंप स्टोरेज एक भरोसेमंद तकनीक के रूप में उभर रहा है। यह पीक डिमांड के समय ऊर्जा की आपूर्ति सुनिश्चित करता है।
राष्ट्रीय विद्युत योजना 2022-32 में भी चर्चा है कि नवीकरणीय ऊर्जा की अधिकता को ग्रिड में समाहित करने के लिए ऊर्जा भंडारण जरूरी है। डिप्टी सीएम ने कहा कि यह नीति राज्य की बढ़ती ऊर्जा मांग को टिकाऊ तरीके से पूरा करने में सहायक होगी। साथ ही निजी निवेश भी आकर्षित होगा।