मुख्य समाचार

बिहार में जल मार्ग से होगा बालू और पत्थर का परिवहन : मुख्य सचिव

मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा ने बताया कि झारखंड से बिहार आनेवाले स्टोन चिप्स और राज्य में बालू के परिवहन के लिए जलमार्ग के उपयोग की योजना बन रही है। इस योजना पर भारतीय जलमार्ग प्राधिकरण काम कर रहा है। बिहार में 400 किलोमीटर लंबा जलमार्ग है। 

इससे सड़कों पर दबाव और पर्यावरण को नुकसान कम होगा। जल परिवहन सबसे सस्ता परिवहन का साधन है। 

मुख्य सचिव बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (बीआईए) परिसर में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के विकास पर एक सेमिनार को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बिहार में सड़क, रेल और हवाई यातायात की कई योजनाओं पर काम हो रहा है। बिहार के उत्पादों को बाजार तक कम से कम समय में पहुंचाने के लिए सभी संसाधन विकसित किए जा रहे हैं। 

वर्ष 2006 में कृषि विपणन कानून (एपीएमसी) निरस्त होने के बाद से बिहार में आईटीसी समेत कई बड़ी कंपनियों ने कृषि उत्पाद और प्रसंस्करण के क्षेत्र में निवेश किया है। उन्होंने बिहार के उद्यमियों से सोलर प्लांट लगाने की अपील की। साथ ही भरोसा दिया कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग पर बीआईए की अनुशंसाओं पर राज्य सरकार विचार करेगी। 

गन्ना आयुक्त अनिल झा ने गुड़ यूनिट लगाने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि अच्छी गुड़ यूनिट की लागत 5 करोड़ है। इस पर 50 प्रतिशत की सब्सिडी भी है। गन्ना उद्योग विभाग ने अब तक 33 यूनिट को लाइसेंस दिए हैं। 

बीआईए के अध्यक्ष केपीएस केशरी ने भी अपने विचारों को रखा। सिडबी की डीजीएम रश्मि रंजन, नाबार्ड के डीजीएम पीपी दत्ता एवं एसबीआई के गोडेजी सांगले ने उद्यमियों के लिए वित्तीय योजनाओं की जानकारी दी। 


संबंधित खबरें