विकास आयुक्त डॉ एस. सिद्धार्थ ने कहा कि बिहार खरीद अधिमानता नीति 2024 (Bihar Purchase Preference Policy) में कुछ खामियां हैं। इस कारण बिहार के उद्यमियों को इस नीति का लाभ नहीं मिल रहा है। राज्य के उद्योगों के समुचित विकास के लिए बिहार खरीद अधिमानता नीति का कारगर होना जरूरी है।

विकास आयुक्त बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के साथ एक बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने उद्यमी एवं व्यवसायियों से अनुरोध किया कि इस नीति का अच्छे से अध्ययन करें। शीघ्र चैंबर एवं अन्य संगठनों के साथ इस विषय पर बैठक होगी।

खरीद अधिमानता नीति में आवश्यक संशोधन किया जाएगा। इससे हर साल सरकारी विभागों के उपयोग में आनेवाली वस्तुओं की खरीद बिहार के निर्माताओं से हो सकेगी। चैंबर ऑफ कॉमर्स के वर्तमान अध्यक्ष सुभाष पटवारी और नए अध्यक्ष पीके अग्रवाल ने भी अपने विचारों को रखा।