बिहार की राजनीतिक पार्टियों ने महापर्व छठ के बाद तुरंत चुनाव कराने का सुझाव दिया है। इससे मतदाताओं की भागीदारी बढ़ेगी। चुनाव आयोग के साथ बैठक में मान्यता प्राप्त दलों ने एक या दो चरणों में चुनाव कराने का भी प्रस्ताव रखा।
बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा से पहले चुनाव आयोग ने 4 अक्टूबर को पटना के होटल ताज में राजनीतिक पार्टी और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की। बैटक में प्रमंडल एवं जिला के वरीय प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।

चुनाव आयोग ने कहा कि सभी दलों को चुनाव प्रक्रिया के हर पड़ाव पर अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए। इस पर्व को सौहार्द से मनाएं और मतदाताओं का सम्मान करें। हर बूथ पर अपने पोलिंग एजेंट नामित करना न भूलें।
बैठक में मौजूद सभी पार्टियों ने एसआईआर के माध्यम से मतदाता सूची को सही करने और मतदान केंद्र पर 1200 मतदाताओं की अधिकतम संख्या निर्धारित करने के लिए आयोग को धन्यवाद दिया। साथ ही पोस्टल वोटों की पहले गिनती एवं फॉर्म 17सी संबंधी प्रावधानों की भी सराहना की।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में आयोग की टीम 3 अक्टूबर की रात 11 बजे से पटना में है। 5 अक्टूबर को राज्य के मुख्य सचिव, डीजीपी एवं प्रवर्तन एजेंसी के नोडल अधिकारियों के साथ आयोग की बैठक होगी।