बिहार में खाद की कालाबाजारी पर रोक के लिए कृषि विभाग ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। जीरो ऑफिस डे के तहत हर शनिवार अधिकारी फील्ड में रहेंगे। उन्हें खाद (उर्वरक) दुकानों की गहन जांच और वितरण व्यवस्था की निगरानी करनी होगी।
नेपाल देश की सीमा से लगे बिहार के जिलों में खाद की अधिक कालाबाजारी हो रही है। कृषि विभाग ने ऐसे जिलों में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के साथ समन्वय बनाते हुए विशेष छापेमारी दल गठित करने का निर्देश दिया है।

कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने बताया कि किसानों को निर्धारित मूल्य पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। खाद की जमाखोरी और अधिक मूल्य पर बिक्री करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई हो रही है।
अब तक 34 प्रतिष्ठानों पर प्राथमिकी और 88 के लाइसेंस रद्द किए गए हैं। राज्य के किसी जिले में खाद की कमी नहीं है।
27 दिसंबर तक राज्य में यूरिया 2.37 लाख मीट्रिक टन, डीएपी 1.26 लाख मीट्रिक टन, एनपीके 2.13 लाख मीट्रिक टन, एमओपी 0.40 लाख मीट्रिक टन और एसएसपी 1.10 लाख मीट्रिक टन उपलब्ध है।
कृषि मंत्री ने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए किसानों को खेत में चिंता मुक्त रहना जरूरी है। इसी सोच के साथ खाद की उपलब्धता, भंडारण और वितरण व्यवस्था की निगरानी हो रही है।