पटना स्थित ऐतिहासिक कुम्हरार पार्क को बेहतर ढंग से विकसित करने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केंद्र सरकार को पत्र लिखने का निर्देश दिया है। पार्क परिसर का रखरखाव केंद्र सरकार के अधीन भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग कर रहा है। पूर्व में हुए उत्खनन में यहां कई ऐतिहासिक सामान एवं निर्माण संबंधी अवशेष मिले हैं।

कुम्हरार पार्क का जायजा लेने के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पार्क मगध साम्राज्य से जुड़ा है। पार्क परिसर के साथ सामान का रखरखाव और बेहतर ढंग से होना चाहिए। इस स्थल से जुड़ी जानकारी को समझने के लिए देश एवं विदेश से लोग यहां आते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए पार्क परिसर का सौंदर्यीकरण आवश्यक है।

वर्ष 1912-15 एवं 1951-55 में इस पुरास्थल की खुदाई के दौरान 80 स्तंभयुक्त मौर्यकालीन सभागार मिला। पुरास्थल के चारों ओर विकास गतिविधि एवं भूजल स्तर में वृद्धि के कारण अवशेष जलमग्न हो गए। इस कारण स्तंभ एवं अवशेषों के अस्तित्व पर खतरा आ गया। इसके बाद विशेषज्ञ समिति की अनुशंसा पर 2005 में इस स्थान को मिट्टी एवं बालू से भर दिया गया।