भारत वैश्विक स्टार्टअप इकोसिस्टम में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। 120 से अधिक यूनिकॉर्न स्टार्टअप सक्रिय हैं। देश में डीपीआईआईटी से मान्यता प्राप्त स्टार्टअप की संख्या 2 लाख से अधिक हो चुकी है। इन स्टार्टअप के जरिए देश में 21 लाख से अधिक प्रत्यक्ष और लाखों अप्रत्यक्ष रोजगार का सृजन हुआ है।
प्रसिद्ध स्टार्टअप मेंटर एवं एंजल इन्वेस्टर हरि बाला सुब्रमण्यम ने पटना में यह जानकारी दी। वे राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस के 10 वर्ष पूरे होने पर बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (बीआईए) परिसर में बिल्ड टू स्केल विषय पर एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुके स्टार्टअप ‘डिजिटल लेबर चौक’ के संस्थापक चंद्रशेखर मंडल भी कार्यक्रम में मौजूद थे। उन्होंने अपने स्टार्टअप आइडिया की शुरुआत बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के इनक्यूबेशन सेंटर ‘वेंचरपार्क’ से की थी। हाल ही में डिजिटल लेबर चौक’ को एक करोड़ रुपये का ग्रांट मिला है। यह बिहार के स्टार्टअप इकोसिस्टम की सफलता का उदाहरण है।

चंद्रगुप्त इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट पटना के निदेशक डॉ राणा सिंह ने आने वाले समय में देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने में स्टार्टअप की भूमिका पर प्रकाश डाला। सिडबी की जीएम अनुभा प्रसाद ने स्टार्टअप के लिए उपलब्ध वित्तीय एवं अन्य कार्यक्रमों की जानकारी दी।
वेंचरपार्क के सदस्य सचिव नरेश नंदन ने बताया कि अब तक 200 से अधिक स्टार्टअप को इनक्यूबेशन सेंटर से मार्गदर्शन मिला है। इनमें कई ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। बीआईए के अध्यक्ष रामलाल खेतान और पूर्व अध्यक्ष केपीएस केशरी ने भी अपने विचारों को रखा।