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Union Budget 2026-27 : बिहार के लिए विशेष प्रावधान नहीं, कारोबार जगत में निराशा 

केंद्रीय बजट 2026-27 में बिहार के लिए विशेष प्रावधान नहीं होने से कारोबार जगत में निराशा है। बिहार उद्योग संघ (बीआईए) और बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स का कहना है कि बजट लंबी अवधि के विकास और निवेश को बढ़ावा देने वाला है, लेकिन बिहार जैसे पिछड़े राज्य के लिए विशेष प्रावधानों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया। 

बीआईए : अध्यक्ष राम लाल खेतान ने कहा कि यह बजट लंबी अवधि के विकास, निवेश प्रोत्साहन और आधारभूत संरचना की मजबूती के उद्देश्य से तैयार किया गया है। बजट के माध्यम से वितमंत्री ने आर्थिक वृद्धि की गति बनाए रखने और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की है।

इसके बावजूद बिहार के दृष्टिकोण से यह बजट अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरता है। बिहार के लिए न तो कोई विशेष पैकेज और न ही कोई अतिरिक्त बड़ी परियोजना की घोषणा हुई। यह राज्य के लोगों के लिए निराशाजनक है। 

बिहार विकास के अधिकतर मानकों पर अभी भी पिछड़ा राज्य है। जब देश वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में अग्रसर है तब बिहार जैसे राज्यों के लिए विशेष और अतिरिक्त सहायता की आवश्यकता है। हमें उम्मीद थी कि केंद्र सरकार बिहार के आर्थिक एवं औद्योगिक विकास के लिए कोई ठोस और विशेष पहल करेगी, जो इस बजट में देखने को नहीं मिली।

बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स : अध्यक्ष पीके अग्रवाल का कहना है बजट में एमएसएमई एवं युवा शक्ति पर फोकस है। बिहारवासियों को उम्मीद थी कि कुछ स्पेशल पैकेज मिलेगा, लेकिन बजट में यह नहीं दिखा। इससे लोगों को निराशा हुई है। 
 


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