बिहार में परिस्थितियां काफी बेहतर हुई हैं। चौतरफा विकास से राज्य में व्यापक बदलाव दिख रहा है। ऐसी स्थिति में बिहार के उद्यमियों पर अधिक जिम्मेदारी है। वे अपनी भूमिका को पहचानें और सफलता के नए आयाम स्थापित करें।
देशरत्न डॉ राजेंद्र प्रसाद स्मृति व्याख्यान को संबोधित करते हुए राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने अपने विचारों को रखा। बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (BIA) सभागार में उन्होंने कहा कि समाज में सफल व्यक्तियों का लोग अनुकरण करते हैं। बिहार के उद्यमियों को स्वयं को रोल मॉडल के रूप में पेश करना चाहिए।
राज्य के उद्यमियों ने पहले विषम परिस्थितियों में काम किया है। उद्यमियों ने धैर्य, साहस और प्रतिबद्धता का परिचय देते हुए सभी चुनौतियों का सामना किया और सफलता हासिल की। इसका प्रभाव राज्य के औद्योगिक वातावरण पर पड़ा।
राज्यपाल ने डॉ राजेंद्र प्रसाद के व्यक्तित्व पर गहन प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, डॉ राजेंद्र प्रसाद एक संपूर्ण व्यक्तित्व के धनी थे। उनमें दया, सूझबूझ और प्रेम की भावना कूट-कूट कर भरी थी।
राज्यपाल ने उद्यमी एवं आम लोगों से अपनी सोच और चिंतन को व्यापक बनाने की अपील की। उन्होंने कहा छोटी सोच कभी भी व्यक्ति को आगे नहीं बढ़ा सकती। यह शिक्षा भारतीय दर्शन में भी है। उन्होंने रामायण, महाभारत, गीता एवं सनातन धर्म की चर्चा करते हुए भारत की सांस्कृतिक परंपरा पर अपने विचार व्यक्त किए।