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बक्सर से भागलपुर तक तटबंधों की निगरानी के निर्देश

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बक्सर से भागलपुर तक गंगा नदी के तटबंधों की कड़ी निगरानी के निर्देश दिए हैं। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से कहा कि तटबंधों में बड़े कटाव या टूट की स्थिति नहीं हो। इसके लिए जल संसाधन विभाग एवं जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहे। संवेदनशील जगहों पर लगातार निगरानी एवं आवश्यक कार्रवाई करें। 

राज्य में बाढ़ की स्थिति के एरियल सर्वे के बाद मुख्यमंत्री पटना में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में डिप्टी सीएम सह जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी और आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सदा भी मौजूद रहे। 

संवदेनशील 14 जिलों पटना, जहानाबाद, अरवल, भोजपुर, नालंदा, रोहतास, औरंगाबाद, मुंगेर, भागलपुर, बेगूसराय, खगड़िया, लखीसराय, कटिहार एवं वैशाली के डीएम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े थे। 

सीएम ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में बाढ़ राहत शिविर एवं सामुदायिक रसोई केंद्रों के माध्यम से पीड़ितों को भोजन एवं राहत उपलब्ध कराते रहें। इसमें कोताही नहीं होनी चाहिए। संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ पूरी मुस्तैदी से काम करें। 

उन्होंने बाढ़ की स्थिति की लगातार मॉनिटरिंग के लिए कमांड सेंटर को सीधे CM डैशबोर्ड से लिंक करने का निर्देश दिया। इससे प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति, राहत-बचाव कार्य और प्रशासनिक कार्रवाई की नियमित एवं प्रभावी निगरानी मुख्यमंत्री कार्यालय से भी हो सकेगी। 

बिहार मौसम सेवा केंद्र के अधिकारी ने बैठक में बताया कि मौसम पूर्वानुमान के अनुसार आनेवाले सप्ताह में भारी बारिश की संभावना नहीं है। जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ चंद्रशेखर सिंह ने कहा कि गंगा और सोन नदी के जलस्तर में कमी आने की संभावना है। 

आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में बाढ़ राहत शिविर एवं सामुदायिक रसोई केंद्रों के माध्यम से लोगों को भोजन मिल रहा है। सभी डीएम अलर्ट हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 27 एसडीआरएफ और 9 एनडीआरएफ की टीम तैनात हैं। 
 


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