न्यूयाॅर्क/एजेंसी । टाटा समूह घाटे में चल रही अपनी कुछ कंपनियों को बेच सकता है। टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने इसके संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि यह तभी होगा जब यह तय हो जाए कि संबंधित कंपनी से वर्तमान में व आगे कोई रिटर्न नहीं मिलने वाला है। चंद्रशेखरन ने फाॅच्र्यून मैगजीन को दिए साक्षात्कार में कहा कि टाटा अरब डाॅलर का समूह है। इसे आगे ले जाने की जरूरत है। हम छोटे कंपनियों की जगह टाॅप कंपनियों की जरूरत है। हम टाटा ग्रुप की हर कंपनी के प्रदर्शन की जांच करेंगे। कंपनी की ग्रोथ रेट, उससे होने वाले फायदे और उसमें किए गए निवेश से मिलने वाले रिटर्न को देखा जाएगा। अगर आप फिट नहीं है तो परफाॅरमेंस नहीं कर सकते हैं। एक मिनट में छह मील की रेस दौड़ने के लिए वजन घटाना जरूरी है। फाॅच्र्यून का कहना है कि टाटा समूह के पास कंसोलिडेशन के लिए कई मौके हैं। वजह एक ही सेगमेंट में कई कंपनियां हैं। टाटा के प्रमुख अधिकारियों पर यह जानकारी देने का दबाव है कि टाटा फाइनेंस,टाटा हाउसिंग फाइनेंस और टाटा कैपिटल फाइनेंस अलग-अलग कंपनियों के तौर पर क्या काम कर रही हैं। चंद्रशेखरन ने इस साल 21 फरवरी से टाटा संस के प्रमुख की कमान संभाली है। 150 साल पुराने टाटा समूह के वह पहले गैर पारसी चेयरमैन हैं।