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जैव ईंधन की संभावनाओं पर नजर रखेगी सरकार 

पटना। कृषि मंत्री प्रेम कुमार ने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा व पर्यावरण संतुलन एक बड़ी चुनौती है। बढ़ती जनसंख्या के कारण ईंधन की मांग बढ़ी है। 25 वर्षों में यह खपत दो से तीन गुना बढ़ने की संभावना है। ऐसे में जैव ईंधन एक बेहतर विकल्प हो सकता है। कृषि विभाग सभी संभावनाओं की तलाश करेगा। ईख से इथेनाॅल का उत्पादन कर व फसल कटाई के बाद बचे अवशेष जैव ईंधन के अच्छे श्रोत हो सकते हैं। ये बातें कृषि मंत्री विश्व ईंधन दिवस पर आईओसी, भारत गैस व नेशनल युवा को आॅपरेटिव द्वारा आयोजित एक सेमिनार में कह रहे थे। 
उन्होंने बताया कि राज्य में जेट्रोफा (बायोडीजल) के उत्पादन की संभावनाओं पर कृषि विभाग विशेषज्ञों से विचार करेगा। 2030 तक जैव ऊर्जा की मांग 60 फीसदी बढ़ने की संभावना है। आईओसी के डीजीएम अभिषेक शर्मा ने कहा कि विश्व में हो रही ऊर्जा आपूर्ति की 10 फीसदी जैव ऊर्जा से हो रही है। ऐसे में वैज्ञानिक, उद्योगपति व किसानों को साथ मिलकर इस दिशा में काम करना होगा।     
 


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