मुख्य समाचार

जेपी इन्फ्राटेक को एनसीएलटी ने दिवालिया श्रेणी में डाला 

नई दिल्ली । नैशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) की इलाहाबाद बेंच ने आईडीबीआई बैंक की याचिका को स्वीकार करते हुए जेपी इन्फ्राटेक को दिवालिया कंपनियों की श्रेणी में डाल दिया है। 8,365 करोड़ रुपये के कर्ज में फंसी कंपनी को अपनी वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए 270 दिनों का समय दिया जाएगा। यदि इस बीच कंपनी की वित्तीय स्थिति नहीं बदली, तो उसकी संपत्ति जब्त हो जाएगी। यह उन हजारों लोगों के लिए भी बड़ा झटका है जिन्होंने जेपी समूह में निवेश किया है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा में कंपनी के करीब 32 हजार फ्लैट्स निर्माणाधीन हैं।  एनसीएलटी ने आईडीबीआई बैंक की तरफ से दाखिल दिवालिया याचिका पर जवाब देने के लिए जेपी इन्फ्राटेक को 4 अगस्त तक का समय दिया था। कंपनी पर आईडीबीआई बैंक का 4,000 करोड़ रुपये बकाया है। दिवालिया कानून के मुताबिक, किसी कंपनी को इस श्रेणी में डालते ही बोर्ड के डायरेक्टर्स सस्पेंड हो जाते हैं। ट्रिब्यूनल अब दिवालिया समाधान पेशेवर की नियुक्ति करेगा। ये पेशेवर जेपी के ऋणदाताओं के साथ बात करेंगे और कंपनी के कर्ज को लेकर समाधान की तलाश करेंगे।
 


संबंधित खबरें