पटना । राज्य सरकार ने भागलपुर के सृजन घोटाले की जांच सीबीआई से कराने की अनुशंसा की है। एनजीओ सृजन, बैंक, कोषागार व जिला प्रशासन की मदद से 850 करोड़ से अधिक का घोटाला हुआ है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुख्य सचिव व डीजीपी के साथ उच्च स्तरीय बैठक के बाद गृह मंत्रालय को सीबीआई जांच का प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया।
फिलहाल सृजन घोटाले की जांच आर्थिक अपराध इकाई कर रही है। कई स्तरों पर अधिक राशि के हस्तांतरण के कारण मामला गंभीर हो गया था। बैैंकों के साथ सरकारी अधिकारियों की संलिप्तता भी सामने आयी है। इस कारण सरकार ने घोटाले की जांच सीबीआई से कराने का फैसला किया है। सृजन घोटाले में अब तक नौ मामले दर्ज हुए हैैं तथा 11 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। सृजन की संस्थापिका स्व. मनोरमा देवी के पुत्र अमित कुमार और बहू प्रिया कुमार की गिरफ्तारी अब तक नहीं हो पायी है। इनके खिलाफ लूकआउट नोटिस जारी किया गया है। राजद भी शुरू से घोटाले की जांच सीबीआई से कराने की मांग कर रहा था।