पटना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 26 अगस्त को बिहार के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का एरियल सर्वे करेंगे। उनके साथ सीएम नीतीश कुमार व डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी भी रहेंगे। सूबे में बाढ़ की स्थिति भयावह है। 18 जिलों की 1.46 करोड़ आबादी बाढ़ से प्रभावित है। 341 लोगों की मौत हो चुकी है। अररिया से सर्वाधिक 75, सीतामढ़ी व पं चंपारण से क्रमशः 36-36, कटिहार से 26, किशनगंज व मधुबनी से क्रमशः 23-23 मौत हो चुकी है। राहत कार्य में एनडीआरएफ की 28, एसडीआरएफ की 16 और सेना की सात टीम लगी हुई है। कुछ क्षेत्रों की स्थिति इतनी बदतर है कि वहां अब तक आवागमन की सुविधा बहाल नहीं हो सकी है। उन क्षेत्रों में राहत सामग्री की सघन एयरड्राॅपिंग हो रही है। बाढ़ पीड़ितों के लिए 1608 सामुदायिक रसोई चल रही है। राज्य सरकार की ओर से राहत की हरसंभव व्यवस्था की जा रही है, लेकिन आपदा इतनी बड़ी है कि प्रशासनिक व्यवस्था कम पड़ जा रही है। ऐसी स्थिति में सूबे के लोगों को प्रधानमंत्री के दौरे से काफी उम्मीद बंधी है। इससे पहले सीएम नीतीश कुमार ने पीएम मोदी से तत्काल सहायता मांगी थी। केंद्र ने भी तुरंत सहायता उपलब्ध करायी थी।