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जीडीपी में गिरावट की वजह नोटबंदी नहीं : राजीव कुमार

नई दिल्ली/एजेंसी। नीति आयोग के नवनियुक्त उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने कहा कि पहली तिमाही (अप्रैल-जून 2017) में जीडीपी में गिरावट की वजह नोटबंदी नहीं है। मजबूत आर्थिक बुनियाद, बेहतर मॉनसून, एफडीआई व सेवा क्षेत्र के अच्छे प्रदर्शन से चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में आर्थिक वृद्धि दर 7.0 से 7.5 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि गुरुवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों में पहली तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 5.7 प्रतिशत बताई गई, जो तीन साल में सबसे कम रही है। नीति आयोग के उपाध्यक्ष का पद संभालने के बाद वह पहले प्रेस काॅन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे।
यह पूछे जाने पर कि क्या नोटबंदी के कारण पहली तिमाही में आर्थिक वृद्धि कम रही है। उन्होंने इसे खारिज करते हुए कहा कि जीडीपी की गिरावट में नोटबंदी का कोई हाथ नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि नोटबंदी केवल छह सप्ताह के लिए 8 नवंबर से 30 दिसंबर तक थी। उसमें भी करेंसी मौजूद थी। जनवरी के पहले सप्ताह से नए नोटों को चलन में लाने का काम शुरू हो गया। कुमार ने कहा कि वास्तव में जीडीपी वृद्धि में कमी का कारण जीएसटी लागू होने से पहले कंपनियों द्वारा उस दौरान बचे हुए माल को छूट देकर निकालना और विनिर्माण क्षेत्र का तुलनात्मक आधार पर कमजोर प्रदर्शन है। 
उपाध्यक्ष ने कहा मौद्रिक सिद्धांत को लेकर कुछ अर्थशास्त्रियों ने इस आधार पर अनुमान लगाया था कि मुद्रा में 10 या 14 प्रतिशत कमी से आर्थिक वृद्धि में इतनी कमी आएगी। यह व्यर्थ था। उन्होंने इस मौके पर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बयान का भी जिक्र किया जिसमें उन्होंने कहा था कि नोटबंदी से आर्थिक वृद्धि में करीब दो प्रतिशत कमी आएगी। कुमार ने कहा कि तिमाही आंकड़े का इस प्रकार के निष्कर्ष के लिए उपयोग नहीं किया जा सकता। 
 


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