पटना। कृषि मंत्री डाॅ प्रेम कुमार ने कहा कि अच्छी खेती के लिए मिट्टी का स्वस्थ होना जरूरी है। मिट्टी की जांच के लिए विभाग प्रयासरत है। मिट्टी जांच का पहला चक्र मार्च, 2017 में पूरा हो गया। दूसरे चक्र में 2019 तक 13,08,778 मिट्टी नमूना संग्रहण व जांच का लक्ष्य निर्धारित है। इस साल बिहार कृषि विश्वविद्यालय में 11 मिट्टी जांच प्रयोगशाला की स्थापना एवं 10 मिट्टी जांच प्रयोगशाला का सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है। इससे मिट्टी जांच क्षमता में वृद्धि होगी। उक्त बातें कृषि मंत्री ने मिट्टी स्वास्थ्य कार्ड वितरण सह प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्घाटन के दौरान कहीं।
उन्होंने बताया कि ग्र्रिड में आने वाले सभी किसानों को संबंधित फसल के लिए उर्वरक की अनुशंसा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए जिलों में मिट्टी जांच प्रयोगशाला है, जहां निःशुल्क जांच की सुविधा है। इसके अलावा हर प्रमंडल में एक-एक ( 9) चलंत मिट्टी जांच प्रयोगशाला है। इससे मिट्टी जांच क्षमता में अतिरिक्त 45,000 नमूना प्रतिवर्ष की वृ़द्धि हुई है। कृषि मंत्री ने कहा कि इसके अलावा कृषि विश्वविद्यालय, कृषि विज्ञान केंद्र एवं पालीगंज कृषक सहयोग समिति मिट्टी जांच प्रयोगशाला कार्यरत है।
जांच की गुणवत्ता के लिए राज्य सरकार ने केंद्रीय मिट्टी जांच प्रयोगशाला के अलावा राज्य स्थित दोनों कृषि विश्वविद्यालयों को मिट्टी जांच प्रयोगशाला को रेफरल जांच के लिए अधिसूचित किया है। विश्व मिट्टी दिवस पर 5 दिसंबर को कैम्प का आयोजन होगा, जिनमें वार्षिक लक्ष्य की 80 फीसदी उपलब्धि सुनिश्चित करने का निर्देश है। मौके पर प्रधान सचिव सुधीर कुमार व निदेशक हिमांशु कुमार राय समेत विभाग के वरीय अधिकारी मौजूद थे।