नई दिल्ली/एजेंसी। देश में कालेधन के खिलाफ चलाई जा रही मुहिम के तहत मोदी सरकार ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। नोटबंदी के बाद रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज की तरफ से जिन दो लाख कंपनियों को बंद किया गया था, अब उनके बैंक खातों को भी प्रतिबंधित कर दिया गया है। जानकारी वित्त मंत्रालय की ओर से दी गई है। सरकार की कोशिश है कि फर्जी कंपनियां किसी हाल में बैंक ऑपरेट न कर पाएं। बैंकों को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए गए हैं। सरकार की ओर से इस कार्रवाई के संकेत जुलाई महीने में ही दिए गए थे।
वित्त मंत्रालय की तरफ से जारी अधिकारिक बयान में कहा गया है कि 2,09,032 कंपनियों को रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज की तरफ से बंद कर दिया गया था। ऐसी कंपनियों के डायरेक्टर और अधिकारी अब पूर्व डायरेक्टर और पूर्व अधिकारी बन जाएंगे। इसमें आगे कहा गया है कि जब तक यह मामला नैशनल कंपनी लॉ ट्राइब्यूनल से कानूनी रूप से सुलझ नहीं जाता, तब तक इन कंपनियों के बैंक अकाउंट ऑपरेट नहीं होंगे। वित्त मंत्रालय के अधिकारिक ट्विटर हैंडल से भी यह जानकारी ट्वीट की गई है।
डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज ने सभी बैंकों को निर्देश दिया है कि इन कंपनियों के खातों को प्रतिबंधित करने के लिए तत्काल कदम उठाएं। साथ ही बैंकों से कहा गया है कि वे अपने कर्मचारियों को कंपनियों के साथ व्यवहार करते समय कर्मठता दिखाएं और उन कंपनियों पर नजर रखें, जो फाइनेंशियल स्टेटमेंट और एन्युअल रिटर्न फाइल करने में गड़बड़ी कर रहे हैं।