पटना। कृषि विभाग बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में फसल की वास्तविक क्षति के आकलन में जुटा है। इससे प्रभावित किसानों को फसल क्षति का मुआवजा मिलने में सुविधा होगी। कृषि मंत्री डाॅ प्रेम कुमार ने बाढ़ प्रभावित 21 जिलों के कृषि पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में इस कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक आकलन में 8,10,000 हेक्टेयर में फसल क्षति की रिपोर्ट मिली थी। केंद्र सरकार से मुआवजा के लिए 1093.36 करोड़ रुपये मांगी गई है।
समीक्षा में यह बात आयी कि जहां बाढ़ का पानी निकल गया है, वहां 80 फीसदी तक धान की फसल बच गयी है। लेकिन जहां पानी अब तक नहीं निकल सका है, वहां फसल को काफी नुकसान हुआ है। फसलों पर कीट के रोक.थाम के लिए पौधा संरक्षण पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रबी की खेती से पहले वैकल्पिक खेती जैसे सरसों , मूली एवं मौसमी सब्जी ओल व परवल , मूंगफली व मूंग की मांग है। इसके लिए बीज की व्यवस्था हो रही है।
कृषि मंत्री ने बताया कि कोसी त्रासदी से हुए नुकसान की भरपाई के लिए विश्व बैंक के सहयोग से कोसी क्षेत्र में नई तकनीक से फसल उत्पादन की योजना शुरू की जा रही है। बैठक में प्रधान सचिव सुधीर कुमार, कृषि निदेशक हिमांशु कुमार राय, विशेष सचिव रवींद्रनाथ राय, उद्यान निदेशक अरविन्दर सिंह समेत वरीय पदाधिकरी उपस्थित थे।