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नीरा : स्वास्थ्यवर्धक एवं रोजगार देने वाला पेय

पटना। बिहार में अप्रैल 2016 से शराबबंदी के बाद इस कारोबार से जुड़े लोगों के लिए नीरा एक बेहतर विकल्प के रूप में उभरा है। सूर्योदय के पहले निकलने वाला यह पेय नशामुक्त है। ताड़ व खजूर के पेड़ से निकलने वाला नीरा सेहत के लिए भी फायदेमंद है। 100 एमएल नीरा में शर्करा 14.40 फीसदी, एसकाॅर्बिक एसिड 16 से 30, फाॅस्फोरस 7.59, साइट्रिक एसिड 0.50, आयरन 0.15 एवं प्रोटीन 0.23 से 0.32 फीसदी रहता है।  अपनी कई खूबियों  से यह कई राज्यों में लोकप्रिय है और आजीविका का जरिया बना हुआ है। भौगोलिक स्थिति अनुकूल होने के कारण बिहार  में ताड़ के करीब 92,19,373  एवं खजूर के 40,09,565 पेड़ हैं। 

नीरा राज्य सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है। इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए 50 करोड़ राशि आवंटित की गई है। योजना में उद्योग एवं कृषि विभाग के साथ जीविका व कम्फेड काम कर रहे हैं। उद्योग विभाग के उप निदेशक उमेश सिंह बताते हैं कि नीरा से संबंधित उत्पादों के लिए चार प्रोसेसिंग प्लांट हाजीपुर, नालंदा, भागलपुर एवं गया में हैं। शीघ्र ही सभी प्लांट काम करने लगेंगे। भागलपुर प्लांट में गुड़ तैयार होगा। इसके अलावा हर प्लांट में प्रतिदिन 10 हजार लीटर नीरा बोटलिंग का लक्ष्य है। सरकार ने नीरा का रेट 25 रुपये प्रति लीटर तय किया है जबकि बाजार में 200 एमएल नीरा ड्रिंक की कीमत 10 रुपये है। इस तरह यह अच्छा मुनाफा देने वाला रोजगार है। साथ ही सेहत के लिए भी लाभदायक है। 

जीविका : सूबे के 12 जिलों में जीविका नीरा पर काम कर रहा है। न्यूनतम 15 लोगों का उत्पादक समूह तैयार कर उन्हें नीरा के रखरखाव व मार्केटिंग संबंधित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जीविका के स्टेट प्रोजेक्ट मैनेजर (एसपीएम) मनोज कुमार का कहना है कि अब तक 539 उत्पादक समूहों को तैयार किया गया है। मुजफ्फरपुर, नालंदा, गया, पटना, बांका, समस्तीपुर, वैशाली, औरंगाबाद, भागलपुर, नवादा, जहानाबाद एवं सारण जिलों से 11,62,253 लीटर नीरा का संग्रह और 10,61,360 लीटर की बिक्री हुई है। 2220 किलोग्राम गुड़ तैयार हो चुका है। साथ ही मुजफ्फरपुर के सरैया एवं नालंदा के रहुई प्रखंडों में पेड़ा भी बन रहा है। बेहतर क्वालिटी के लिए मास्टर ट्रेनर और ग्रुप लीडर को समय-समय पर प्रशिक्षण के लिए कृषि विश्वविद्यालय,सबौर भेजा जाता है। 
एसपीएम मनोज बताते हैं कि वैशाली जिला के महुआ ब्लाॅक के नंदलाल ने इस क्षेत्र में अच्छा काम किया है। अपनी मेहनत और जीविका की मदद से वे अच्छी कमाई कर रहे हैं। नीरा के कारोबार से जुड़े लोगों को पूरे साल रोजगार मिले। इसके लिए 436 नीरा सेल काउंटर को मजबूती प्रदान करना लक्ष्य है। इस काउंटर पर वे नीरा के अलावा अन्य उत्पाद भी बेच सकेंगे। खास उत्पादक समूहों के लिए चिलिंग यूनिट लगाने की भी योजना है। इसके अलावा कई तकनीकी सहायता भी देने का प्रस्ताव है।     
 


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