नई दिल्ली/एजेंसी। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) को इस बात का अध्ययन करने के लिए कहा गया है कि क्या गौमूत्र का इस्तेमाल जैविक खेती को प्रोत्साहित करने में किया जा सकता है। इस सबंध में परिषद को दो महीने में रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा गया है।
नीति आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आईसीएआर को गौमूत्र को एमीनो अम्ल में परिवर्तित करने की संभावना तलाशने के लिए कहा गया है ताकि इसका इस्तेमाल कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए प्राकृतिक उर्वरक के तौर पर किया जा सके।
आईसीएआर से यह अनुरोध नीति आयोग की उच्चस्तरीय बैठक में किया गया। बैठक में लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उपक्रम राज्य मंत्री गिरिराज सिंह ने जैविक खेती पर चर्चा की। उन्होंने गौमूत्र, जैविक कूड़ा और गोबर के जैविक खेती में उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि गौमूत्र रासायनिक उर्वरकों का बेहतर विकल्प है।यह कृषि उत्पादकता को चार-पांच गुना बढ़ा सकता है। उल्लेखनीय है कि सिक्किम देश का पहला पूरी तरह जैविक राज्य घोषित किया गया है