पटना। कृषि मंत्री डाॅ प्रेम कुमार ने बताया कि सूबे में उत्पादित जैविक उत्पादों के प्रमाणीकरण के लिए सिक्किम सरकार के साथ एग्रीमेंट हो रहा है। सिक्किम पूर्ण रूप से जैविक राज्य घोषित है। प्रमाणीकरण होने से किसानों को उनके उत्पादों का अच्छा मूल्य मिलेगा और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
डाॅ प्रेम ने कहा कि बिहार स्टेट सीड एंड आर्गेनिक सर्टिफिकेशन एजेंसी (बीएसएसओसीए) और सिक्किम स्टेट आर्गेनिक सर्टिफिकेशन एजेंसी (एसएसओसीए) के साथ एकरारनामा होगा। एसएसओसीए किसानों द्वारा उगाये जाने वाले जैविक उत्पादों का प्रमाणीकरण करेगी। यह एकरारनामा एक नवंबर 2017 को कृषि सभागार में होगा। इस एकरारनामा के बाद राज्य में जैविक खेती करने वाले किसान एवं किसान समूहों का उनके कृषि उत्पादों के जैविक प्रमाणन के लिए निबंधन कराना होगा। प्रमाणीकरण के लिए बीएसएसओसीए, मीठापुर, पटना से संपर्क कर सकते हैं। जैविक कोरीडोर में आनेवाले सभी सब्जी उत्पादक व किसानों के निबंधन पर होने वाला व्यय राज्य सरकार वहन करेगी।
कृषि मंत्री का कहना है कि अभी सूबे के किसान मुख्य रूप से जैविक सब्जियां उगा रहे हैं। जैविक प्रमाणीकरण की व्यवस्था नही होने के कारण उत्पादित सब्जियों को जैविक सब्जी का प्रमाणपत्र नहीं मिल पाता है। इस कारण खरीदार को इनकी गुणवत्ता प्रमाणित नहीं लगती है और वे क्रय करने में रुचि नही दिखाते हैं।