पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि हर भारतीय की थाली में बिहार का एक व्यंजन पहुंचाना कृषि रोड मैप का लक्ष्य है। पहले के दोनों कृषि रोड मैप के बेहतर परिणाम से प्रेरित होकर तीसरे कृषि रोड मैप को तैयार किया गया है। किसानों की आमदनी बढ़े इसका भी ध्यान रखा गया है। सूबे की जमीन हर फसल के उत्पादन में सक्षम है। धान, गेहूं व मक्का का उत्पादन बढ़ा है। इन फसलों के बेहतर उत्पादन के लिए बिहार को केंद्र सरकार से पुरस्कार भी मिल चुका है। एक किसान ने धान के उत्पादन में चीन का रिकाॅर्ड तोड़ दिया। उक्त बातें वह तीसरे कृषि रोड मैप के शुभारंभ के मौके पर कह रहे थे।
उन्होंने कहा कि रोड मैप में जैविक खेती पर भी जोर है। गंगा किनारे पटना से भागलपुर तक जैविक कोरीडोर बनेगा। इनपुट सब्सिडी की भी व्यवस्था है। सब्जी की खेती ठीक से हो,तो बिहार सब्जी उत्पादन में देश में पहले स्थान पर पहुंच सकता है। इसके लिए फेडरेशन बनेगा, जहां सब्जी उत्पादकों को हर सहायता उपलब्ध होगी। नालंदा के एक किसान का उदाहरण देते हुए कहा कि बिहार के किसान वैज्ञानिक से भी आगे हैं। मछली एवं अंडे के उत्पादन बढ़ाने पर भी जोर है।
सीएम ने बताया कि सूबे के 76 फीसदी लोगों की आजीविका खेती है। जमीन विवाद बड़ी समस्या है। खेत का आकार छोटा होता जा रहा है। सर्वे, सेटलमेंट एवं चकबंदी से यह ठीक होगा। इस दिशा में काम हो रहा है। पानी की उपलब्धता अच्छी है। अगले साल के अंत तक हर घर बिजली पहुंच जाएगी। बीज के उत्पादन, विपणन एवं भंडारण की भी व्यवस्था हो रही है। हरियाली मिशन के तहत लक्ष्य 17 फीसदी रख गया है। 15 फीसदी के करीब हम पहुंच गए हैं।
उप मुख्यमंत्री : उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि 2022 तक बिहार कृषि के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ राज्य होगा। धान, गेहूं, मक्का व सब्जी का उत्पादन बढ़ा है। बिहार देश का पहला राज्य है जिसके रोड मैप में 12 विभागों को शामिल किया गया है। पहली हरित क्रांति का लाभ बिहार नहीं उठा सका। दूसरी हरित क्रांति का श्रेय बिहार को मिलेगा। बिहार के श्रमिक हरियाणा-पंजाब के खेतों को लहलहा सकते हैं, तो बिहार के खेतों को भी लहलहा सकते हैं।
कृषि मंत्री : कृषि मंत्री डाॅ प्रेम कुमार ने कहा कि किसानों की आमदनी बढ़ाना सरकार का लक्ष्य है। 16 जून को किसान पंचायत हुआ था। इसी आधार पर तीसरे रोड मैप को तैयार किया गया है।