गुवाहाटी/पटना। जीएसटी काउंसिल ने 28 फीसदी टैक्स स्लैब में शामिल 177 वस्तुओं पर कर की दर को 18 फीसदी कर दिया है। गुवाहाटी में वित्त मंत्री अरुण जेटली के नेतृत्व में काउंसिल की बैठक में उक्त निर्णय लिए गए। जीएसटी की नई दर 15 नवंबर से लागू होगी।
आम उपभोक्ताओं के व्यापक हित में फ्लाई ऐश ब्रिक, फ्लाई ऐश, बिहार की प्रसिद्ध मिठाई खाजा, अनरसा और चिकी पर कर की दर 18 से घटाकर 5 फीसदी तथा पास्ता, काॅटन और जूट हैंड बैग पर 12 फीसदी कर दिया गया है। सीमेंट व पेंट समेत 50 लग्जरी सामान पर ही जीएसटी की दर 28 प्रतिशत होगी।
एसी और नॉन एसी रेस्टोरेंट पर अब पांच फीसदी टैक्स लगेगा। रेस्टोरेंट इंडस्ट्री के लिए अब इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) को खत्म कर दिया गया है, क्योंकि कंज्यूमर्स को इसका लाभ नहीं दिया जा रहा था। 7500 रुपये से अधिक कमरे वाले होटल में मौजूद रेस्टोरेंट में पुरानी व्यवस्था लागू रहेगी, यानी यहां 18 फीसदी टैक्स लगेगा और आईटीसी का फायदा मिलेगा।
इसके अलावा डेढ़ करोड़ तक के टर्न ओवर वाले कारोबारियों को जीएसटी आर-2 और 3 से छूट देते हुए चालू वित्त वर्ष के अंत तक केवल तिमाही विवरणी जीएसटीआर-1 दाखिल करने की सुविधा दी गई है, लेकिन संक्षिप्त विवरणी 3 बी उन्हें प्रति माह भरना होगा।
उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने काउंसिल के सभी सदस्यों को धन्यवाद देते हुए कहा कि कर की दर घटाने से देश को करीब 20 हजार करोड़ राजस्व की कमी होगी, जिसे प्रभावी कर संग्रह द्वारा पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता हित में राजनीति से ऊपर उठकर यह निर्णय लिया गया है।
मोदी ने बताया कि प्लाईवुड, वाॅश बेसिन, सेनिटरी व गृह निर्माण से जुड़े अन्य सामान, स्टोव, बलैड, अग्निशमन यंत्र, मैट्रेस, हाथ घड़ी, वैक्यूम फ्लाॅश आदि घरेलू उपयोग की वस्तुओं पर अब 28 की जगह 18 फीसदी कर लगेगा। इसके अलावा जीएसटी फिटमेंट कमिटी ने 62 और वस्तुओं पर कर की दर को कम करने की अनुशंसा की थी। उनमें 12 और नए वस्तुओं को शामिल किया गया है। जिनमें चाॅकलेट, शैम्पू, डिटर्जेंट पाउडर, मार्बल और सौंदर्य प्रसाधन के सामान शामिल हैं।