पटना। शिमला मिर्च की व्यावसायिक खेती किसानों के लिए लाभदायक है। कृषि विभाग ने इसकी खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को सहायता अनुदान देने का प्रावधान किया है। शिमला मिर्च की खेती में कम लागत में अधिक मुनाफा प्राप्त किया जा सकता है। शिमला मिर्च स्वास्थ्य के लिए भी उपयोगी है। इसमें विटामिन ए, विटामिन सी, पोटेशियम, कैल्शियम, लौह तथा अन्य खनिज तत्व प्रचुर मात्रा में पाये जाते हैं।
सामान्यतः शिमला मिर्च की संरक्षित खेती पाॅलीहाऊस अथवा कीटअवरोधी शेड नेट लगाकर हर मौसम में किया जा सकता है। इसकी खेती के लिए दिन का तापमान 22 से 29 डिग्री सेल्सियस एवं रात का तापमान 16 से 18 डिग्री सेल्सियस सही रहता है। अधिक तापमान में इसके फूल झड़ने लगते हैं एवं कम तापमान से पराग कणों की जनन-क्षमता कम हो जाती है। शिमला मिर्च की खेती के लिए सामान्यतः बलुई दोमट मिट्टी उपयुक्त रहती है।
कृषि मंत्री डाॅ प्रेम कुमार ने बताया कि राज्य सरकार ने राष्ट्रीय बागवानी मिशन एवं मुख्यमंत्री बागवानी मिशन योजना के तहत इसे शामिल किया है। इसके तहत् 2,000 वर्गमीटर में शेडनेट तैयार कर शिमला मिर्च की खेती करने पर किसानों को सहायतानुदान देने का प्रावधान है। अग्रपंक्ति प्रत्यक्षण अवयव की प्रति इकाई लागत व्यय 25 लाख रुपये पर सहायतानुदान 75 प्रतिशत यानी 18.75 लाख रुपये है। संकर किस्म से औसत पैदावार 700-800 क्विंटल प्रति हेक्टेयर होती है। इच्छुक कृषक अपने जिले के सहायक निदेशक उद्यान से संपर्क कर योजना का लाभ ले सकते हैं।