नई दिल्ली/एजेंसी। कोई भी बैंक 500 और 2000 रुपये के उन नोटों को लेने से इनकार नहीं कर सकता है, जिनपर कुछ लिखा हुआ है। हालांकि ऐसे नोटों को ग्राहक बैंक से बदलवा नहीं सकते हैं। यह नोट सिर्फ जमाकर्ता के व्यक्तिगत खाते में जमा किए जा सकते हैं। आरबीआई के अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आरबीआई के पास सूचना मिल रही है कि दुकानदार 10 रुपये के सिक्के नहीं ले रहे हैं। हमने स्पष्ट कर दिया है कि 10 रुपये के सभी सिक्के मान्य हैं।
अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में आरबीआई आर्थिक साक्षरता के तहत मेला आने वाले लोगों को जागरूक कर रहा है। यहां नये नोटों के फीचर समेत लोगों को उनके अधिकारों के प्रति साक्षर किया जा रहा है। साथ ही डिजिटल माध्यम से जुड़ने के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्रगति मैदान के हॉल 18 में लगे आरबीआई के स्टॉल में लोग अपने सवाल लेकर भी पहुंच रहे हैं।
आरबीआई के अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय बैंक पहले भी इस संबंध में भ्रम दूर कर चुका है। मेले के दौरान लोग हमसे 500 और 2000 रुपये के नये नोटों पर कुछ लिखा होने की स्थिति में उनकी वैधता पर सवाल कर रहे हैं। हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि नोट पर कुछ लिखा होने या रंग लग जाने की स्थिति में भी वह वैध है। बैंक उन्हें लेने से इनकार नहीं कर सकते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि ग्राहक ऐसे नोट को बैंक से बदलवा नहीं सकते हैं, लेकिन ऐसे नोट वह अपने व्यक्तिगत खातों में जमा करवा सकते हैं। उन्होंने कहा कि आरबीआई स्वच्छ नोटों की नीति का अनुसरण करता है।
अधिकारियों ने कहा कि इसके अलावा हम मेला देखने आए लोगों को नये नोटों के फीचर के बारे में भी जानकारी दे रहे हैं ताकि वे जाली नोट की पहचान कर सकें। 500, 2000 और 200 रुपये के नोट पर 17 फीचर हैं जबकि 50 रुपये के नये नोट पर 14 फीचर हैं।