पटना। देश का पहला टिम्बर मार्ट चालू वित्त वर्ष में ही हाजीपुर में शुरू हो जायेगा। यहां किसान अपने पेड़ों को बेच कर अपनी आमदनी बढ़ा सकेंगे। केंद्र सरकार की किसानों की आय दोगुनी करने की योजना को इससे बल मिलेगा। यह टिम्बर मार्ट वानिकी करने वाले किसानों के लिए ई-मार्केट का काम करेगा, जहां उन्हें पेड़ काट कर लाने की आवश्यकता नहीं होगी। खरीददार खुद उनके खेत से पेड़ काट कर ले जायेंगे। किसानों को यह विकल्प भी मिलेगा कि जब उनके पेड़ कीे अच्छी कीमत मिले तब ही बेचें । पर्यावरण व वन वभाग ने टिम्बर मार्ट के लिए ई-मार्केट वेबसाइट और एप्स भी तैयार किया है। उक्त जानकारी उप मुख्यमंत्री सह पर्यावरण व वन मंत्री सुशील कुमार मोदी ने दी।
उन्होंने बताया कि हरियाली मिशन के अंतर्गत गत चार-पांच वर्षों में बिहार में जल्द तैयार होने वाले करोड़ों पौधों का रोपण किया गया, जो अब तैयार हो गए हैं। 2013-14 में कृषि वानिकी के तहत 71.06 लाख, 14-15 में 1.03 करोड़, 2015-16 में 95.17 लाख और 2016-17 में 94.63 लाख पोपुलर, कदंब,सेमल व शीशम आदि के पौधे लगाए गए। इस वर्ष 1.5 करोड़ पौधारोपण का लक्ष्य है। इतनी बड़ी संख्या में पौधारोपण के बाद तैयार पेड़ों को बाजार उपलब्ध कराने की समस्या का समाधान और किसानों को वाजिब कीमत दिलाने में टिम्बर मार्ट सहायक होगा।
हाजीपुर बाजार समिति प्रागंण की आधे एकड़ जमीन पर टिम्बर मार्ट का निर्माण कराया जा रहा है, जहां वन विभाग के अधिकारियों के साथ आरा मिल मालिक एसोसिएशन के प्रतिनिधि होंगे। ये किसानों को उनके पेड़ों की वाजिब कीमत दिलाने में सहयोग करेंगे। किसान अपने बेचने योग्य पेड़ों की संख्या, गुणवत्ता आदि के बारे में सूचित कर खरीददारों से वे मोलभाव कर कीमत तय करेंगे।
हरियाली मिशन के तहत की गई वानिकी का सुखद परिणाम बिहार के किसानों को टिम्बर मार्ट के माध्यम से मिलेगा, जिससे वे और ज्यादा पौधारोपण के लिए प्रोत्साहित होंगे।