पटना। राज्य सरकार वित्तीय वर्ष 2017-18 में किसानों को मिलने वाले कृषि ऋण पर एक फीसदी अतिरिक्त ब्याज अनुदान देगी। यह केंद्र सरकार के तीन फीसदी ब्याज अनुदान के अतिरिक्त होगा। इसके लिए कृषि विभाग एवं नाबार्ड के बीच करार हुआ। एकरारनामा पर कृषि विभाग की ओर से प्रधान सचिव सुधीर कुमार व निदेशक हिमांशु कुमार राय एवं नाबार्ड की तरफ से सीजेएम एसके मजूमदार व डीजीएम डीबी दास ने संयुक्त रूप से हस्ताक्षर किया।
योजना का लाभ उन्हीं किसानों को मिलेगा, जो निर्धारित अवधि में ऋण का भुगतान करेंगे। अगर किसान निर्धारित अवधि में ऋण का भुगतान नहीं करते हैं, तो उन्हें संबंधित बैंक को ऋण स्वीकृत की तिथि से समान दर पर ब्याज एवं अन्य शुल्क का भुगतान करना होगा।
कृषि मंत्री डाॅ प्रेम कुमार ने बताया कि इसके लिए 10 करोड़ राशि आवंटित की गई है। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को कृषि ऋण पर लगने वाले ब्याज के बोझ को कम करना है ताकि किसान उत्साहित होकर अधिक से अधिक संस्थागत ऋण प्राप्त कर सकें। कार्यक्रम के फलस्वरूप किसान आधुनिक कृषि तकनीक को अपनाने के लिए बीज, उर्वरक, सिंचाई व कीटनाशी आदि में निवेश करने में सफल हो सकेंगे। इससे कृषि उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि होगी। योजना के अधीन लघु, सीमांत एवं अन्य सभी प्रकार के किसान समान रूप से लाभान्वित होंगे। सभी प्रकार की फसलें भी समान रूप से आच्छादित होंगी।