पटना/कोलकाता । आईटी क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों व निवेशकों से बिहार में पूंजी निवेश का आह्वान राज्य सरकार ने किया है। उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि बिहार में आईटी क्षेत्र में काफी संभावनाएं है। पटना के डाकबंगला इलाके में एक एकड़ में आईटी टावर, बिहटा में 25 एकड़ में आईटी पार्क और राजगीर में 106 एकड़ में इलेक्ट्रॉनिक सह आईटी सिटी का निर्माण प्रस्तावित है। बिहार की नई आईटी प्रोत्साहन नीति के तहत निवेशकों को स्टांप ड्यूटी, रजिस्ट्रेशन व लैंड यूज कन्वर्जन फी से मुक्त कर दिया गया है। वह कोलकाता के होटल आईटीसी सोनार में आयोजित इन्फोकॉम 2017 के ‘बिहार सत्र’ को संबोधित कर रहे थे।
उप मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्पादन शुरू होने के बाद निवेशकों को बैंक लोन पर 10 फीसदी ब्याज अनुदान मिलेगा, जिसकी अधिकतम सीमा 20 करोड़ रुपये तक है। इसके अलावा स्वीकृत परियोजना लागत का 125 फीसदी स्टेट जीएसटी का उन्हें भुगतान कर दिया जाएगा।
रोजगार समर्थन पर नियोक्ता को बिहार के किसी सामान्य श्रेणी के व्यक्ति के नियोजन पर ईपीएफ और इएसआई का 50 फीसदी व एससी-एसटी और महिलाओं के नियोजन पर 100 प्रतिशत पुनर्भुगतान किया जायेगा। रिक्रुटमेंट ट्रेनिंग सपोर्ट के अंतर्गत बिहार के किसी व्यक्ति को नियोजित करने पर प्रति कर्मचारी 20 हजार रुपये नियोक्ता राज्य सरकार देगी।