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एक जनवरी से खाद सब्सिडी के लिए डीबीटी स्कीम होगी शुरू 

पटना। सूबे में 1 जनवरी,2018 से उर्वरक के क्षेत्र में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) स्कीम शुरू होेगी। केंद्र सरकार खाद्य सब्सिडी के बाद दूसरी सबसे बड़ी राशि खाद (उर्वरक) सब्सिडी के रूप में देती है। सरकार उर्वरक सब्सिडी पर सालाना लगभग 700 अरब रुपये अनुदान पर खर्च करती है। 
कृषि मंत्री डाॅ प्रेम कुमार ने बताया कि योजना में पारदर्शिता लाने के लिए डीबीटी के माध्यम से किसानों को अनुदान दिया जायेगा। विश्व बैंक की रिपोर्ट के अनुसार इससे केंद्र सरकार हर वर्ष कम-से-कम एक अरब डाॅलर की बचत कर रही है। अगर इसे और प्रभावी ढंग से लागू किया जाए, तो यह आंकड़ा 11 अरब डाॅलर तक पहुंच सकता है।  
योजना के तहत राज्य के अधिकृत खुदरा उर्वरक बिक्री केंद्रों पर प्वाइंट आॅफ सेल (पीओएस) मशीन से उर्वरक की ब्रिकी की जानी है। इसके लिए सभी अधिकृत विक्रेताओं के लिए आधार कार्ड अनिवार्य है। उर्वरक खरीद करने वाले किसान को आधार कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड या मतदाता पहचान पत्र में से किसी एक को साथ लाना अनिवार्य होगा। इन पहचान पत्रों में से किसी एक के पीओएस मशीन द्वारा आॅन लाईन वेेरिफिकेशन के बाद ही किसान उर्वरक खरीद सकेंगे। इससे उर्वरक की कालाबाजारी भी रुकेगी। 
 


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