पटना। उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने युवा उद्यमियों का आह्वान करते हुए कहा कि आप आगे बढ़ें , सरकार हर सहयोग करेगी। जोखिम लेने वाले ही आगे बढ़ते हैं। नौकरी करने वालों से श्रेष्ठ दूसरों को रोजगार देने वाला होता है। पिछले 25-30 वर्षों में दुनिया काफी बदली है। एक उद्यमी के लिए अनंत आकाश खुला हुआ है। वह ज्ञान भवन में बिहार उद्यमी संघ की ओर से आयोजित ‘युवा उद्यमी सम्मेलन ’ को संबोधित कर रहे थे। मौके पर भवन निर्माण मंत्री महेश्वर हजारी, बिहार उद्यमी संघ के अध्यक्ष पंकज कुमार, सचिव अभिषेक सिंह व स्वराज मौजूद थे। मोदी ने अपने क्षेत्र में बेहतर काम करने वाले कई युवा उद्यमियों को सम्मानित भी किया।
मल्टी स्टोरेज पार्क से जमीन की समस्या होगी दूर : उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में मल्टी स्टोरेज इंडस्ट्रीयल पार्क के जरिए प्रदूषण विहीन उद्योग को फ्लोर स्पेश उपलब्ध कराया जाएगा। इससे जमीन की समस्या का समाधान होगा। आईटी व गारमेंट इंडस्ट्री में कम जगह की जरूरत होती है। राज्य सरकार आईटी, फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, एपेरल और लेदर उद्योग को प्रोत्साहित करने के लिए नई नीति के तहत बैंक से कर्ज लेने पर अनुदान देगी। 10 फीसदी ब्याज अनुदान, जीएसटी की वापसी, ईपीएफ और ईएसआई की 50 फीसदी राशि तथा बिहार के लोगों को रोजगार देने पर प्रति कर्मचारी 20 हजार रुपये का अनुदान मिलेगा। केंद्र सरकार की मुद्रा और सीजीएमडीसी स्कीम के तहत भी उद्यमियों को अधिक से अधिक ऋण मिलेगा।
स्टार्टअप पाॅलिसी : स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने के लिए 2016-17 में वेंचर फंड के लिए बिहार स्टार्टअप फंड ट्रस्ट को 50 करोड़ उपलब्ध कराया गया है। योजना के अंतर्गत सरकार अधिकतम 10 लाख रुपये 10 वर्षों के लिए ब्याजमुक्त कर्ज पर देगी। स्टार्टअप नीति के तहत 5 वर्षों तक किसी संस्थान की जांच नहीं होेगी तथा औद्योगिक प्रांगण में उनके लिए 10 फीसदी स्थान सुरक्षित रहेगा। विभिन्न एक्ट के अंतर्गत लाइसेंस व निबंधन से उन्हें 5 वर्षों तक छूट दी जायेगी। बीआईए और बीईए के सहयोग से दो इन्क्यूबेशन सेंटर की स्थापना की गई है। इसके लिए सरकार की ओर से 2.95 करोड़ उपलब्ध कराये गए हैं।
5 हजार करोड़ का पूंजी निवेश होगा : उन्होंने बताया कि नई औद्योगिक नीति 2016 के तहत राज्य निवेश प्रोत्साहन पर्षद (एसआईपीबी) को निवेश के 652 प्रस्ताव मिले, जिनमें 539 को प्रथम चरण की स्वीकृति मिल चुकी है। इसके जरिए करीब 5 हजार करोड़ का पूंजी निवेश होगा। वित्तीय प्रोत्साहन के लिए आए 72 में से 55 को निवेश पर्षद की सहमति मिल चुकी हैं। 1002 करोड़ के 3 सीमेंट कारखाने के प्रस्ताव के अलावा अन्य छोटे निवेश के प्रस्ताव हैं।
भवन निर्माण मंत्री : भवन निर्माण मंत्री महेश्वर हजारी ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य की नई औद्योगिक नीति का युवा उद्यमी लाभ उठाएं। जब तक युवा आगे नहीं आएंगे, राज्य विकास नहीं करेगा। सरकार आपकी मदद के लिए तैयार है।