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पीओएस मशीन से खाद की कालाबाजारी पर लगेगी रोक

पटना। सूबे में पीओएस (प्वाइंट आॅफ सेल) मशीन से खाद (उर्वरक) की बिक्री शुरू हो गई है । कृषि मंत्री डाॅ प्रेम कुमार ने योजना का शुभारंभ मेसर्स भगवती ट्रेडर्स, दानापुर के प्रांगण में किया। उन्होंने कहा कि एक जनवरी, 2018 से राज्य में सभी खुदरा खाद विक्रेता पीओएस मशीन से खाद की बिक्री करेंगे। किसानों को खाद खरीदने के लिए अपना आधार कार्ड अथवा अन्य मानक पहचान पत्र बिक्री केंद्र पर ले जाना अनिवार्य होगा। इस प्रणाली से जिलों में उर्वरकों की उपलब्धता की आॅनलाईन माॅनीटरिंग हो सकेगी। इससे खाद की बिक्री में पारदर्शिता आयेगी। किसानों को डिजिटल रसीद भी मिलेगा। जिलों में डीएम ने योजना की शुरुआत की है। 
डाॅ प्रेम ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार कई योजनाओं में डिजिटल माध्यम को प्रोत्साहित कर रही है। आधार आधारित योजनाओं के सत्यापन का प्रचलन हाल के वर्षों में बढ़ा है। इस प्रणाली में थोक उर्वरक विक्रेता सिर्फ अधिकृत खुदरा विक्रेताओं से ही व्यवसाय करेंगे। खुदरा व्यवसाय के लिए पीओएस मशीन अनिवार्य है। 
भविष्य में इस प्रणाली से मृदा स्वास्थ्य कार्ड एवं आधार से जुड़े भू-अभिलेखों का इंटीग्रेशन होगा, ताकि इस प्रणाली का व्यापक लाभ उठाया जा सके। फिलहाल बिहार में 22,362 अधिकृत खुदरा उर्वरक विक्रेता हैं, जिनमें 18,500 खुदरा उर्वरक विक्रेताओं ने मशीन ले ली है। मशीन संचालन के लिए प्रशिक्षण भी मिल चुका है। राज्य में यूरिया एवं अन्य उर्वरक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। किसान किसी भी अफवाह पर ध्यान नहीं दें। 
प्रधान सचिव : प्रधान सचिव सुधीर कुमार ने बताया कि इस प्रणाली के लागू होने से उर्वरकों की कालाबाजारी पर रोक लगेगी। इसका उपयोग कृषि के अलावा अन्य क्षेत्रों में नहीं हो सकेगा। 
दानापुर की विधायक आशा देवी ने कहा कि गांव में भी खुदरा उर्वरक की दुकानें खुले। उन्होंने कृषि मंत्री का आभार व्यक्त किया कि पीओएस मशीन से खाद की बिक्री के शुभारंभ के लिए इस क्षेत्र को चुना।   
मौके पर कृषि निदेशक हिमांशु कुमार राय, निदेशक (भूमि संरक्षण) गुलाब यादव, संयुक्त निदेशक (रसायन) अशोक प्रसाद, जिला कृषि पदाधिकारी सुधीर कुमार समेत विभाग के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे। 
 


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