पटना । रेडीमेड वस्त्र निर्माताओं से बिहार में निवेश की अपील करते हुए उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि इस क्षेत्र में रोजगार की काफी संभावनाएं हैं। मुंबई, बेंगलुरु और त्रिपुर समेत कई जगहों पर रेडीमेड वस्त्र उद्योग में काम करने वाले 90 फीसदी मजदूर बिहार के ही हैं। पटना भी रेडीमेड गारमेंट हब के रूप में विकसित हो सकता है। उक्त बातें उन्होंने ज्ञान भवन में आयोजित तीन दिवसीय रेडीमेड गारमेंट मेला के उद्घाटन के मौके पर कहीं। मेला का आयोजन बिहार रेडीमेड गारमेंट एसोसिएशन ने किया है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने एपेरल और टेक्सटाइल पार्क के लिए बिहटा में 115 एकड़ जमीन अधिसूचित की है। बिहार की नई औद्योगिक प्रोत्साहन नीति के अंतर्गत राज्य सरकार ने वस्त्र निर्माण, टेक्सटाइल, लेदर, आईटी और फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में निवेश को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।
निवेशकों को जमीन के निबंधन और कन्वर्जन में जहां 100 फीसदी की छूट दी जायेगी, वहीं बैंक ऋण के ब्याज पर सरकार 10 प्रतिशत अनुदान देगी। इसके अलावा सरकार स्टेट जीएसटी के 100 प्रतिशत पुनर्भुगतान, ईपीएफ और ईएसआई की 50 प्रतिशत राशि तथा बिहार के लोगों को रोजगार देने पर प्रशिक्षण के लिए प्रति कर्मचारी 20 हजार रुपये का अनुदान देगी। जीएसटी के अंतर्गत कंपोजिशन स्कीम में शामिल उत्पादकों को अब एक करोड़ तक के टर्न ओवर पर 2 प्रतिशत की जगह मात्र 1 प्रतिशत ही कर देना होगा।