पटना । चार दिवसीय ‘ बिहार एकलव्य खेल ’ (9 से 12 जनवरी) का पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स काॅम्पलेक्स ,पटना में शुभारंभ उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने किया। उन्होंने कहा कि हाल में आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सरकार बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (बीसीए) के साथ मोइनुल हक स्टेडियम के विकास के लिए एमओयू साइन करेगी। 17 साल के बाद अब बिहार की टीम भी रणजी ट्राॅफी में भाग ले सकेगी। पुलिस की बहाली में खिलाड़ियों को एक फीसदी आरक्षण मिल रहा है।
झारखंड बंटवारे के बाद बिहार का क्रिकेट एसोसिएशन विवाद में घिर गया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने फैसला देकर यह स्पष्ट कर दिया है कि बिहार की टीम भी रणजी मैच में भाग लेगी । मोइनुल हक स्टेडियम में बिहार के लड़के उच्चस्तरीय क्रिकेट का प्रशिक्षण ले सकेंगे।
बिहार में 22 एकलव्य राज्य आवासीय खेल प्रशिक्षण केंद्र संचालित कर 370 बच्चे प्रशिक्षित किए जा रहे हैं । अगले साल 17 और एकलव्य आवासीय खेल प्रशिक्षण केंद्र खोल कर एक हजार बच्चों को नामांकित करने का सरकार का लक्ष्य है। केंद्र ने बच्चों के खाने की राशि प्रतिदिन 100 रुपये से बढ़ा कर 225 रुपये, एक की जगह दो खेल किट और ड्रेस के साथ प्रशिक्षकों का मानदेय 8 हजार से बढ़ा कर 30 हजार कर दिया है।
राजगीर में सरकार की पहल पर 633 करोड़ की लागत से स्पोर्ट्स काॅम्पलेक्स सह स्टेडियम के निर्माण के लिए 90 एकड़ जमीन का अधिग्रहण कर लिया गया है। सरकार खेल और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित और बेहतर सुविधा देने के लिए तत्पर है।
इस अवसर पर कला, संस्कृति व युवा विभाग के मंत्री कृष्ण कुमार ऋषि, प्रधान सचिव चैतन्य प्रसाद समेत बड़ी संख्या में खिलाड़ी मौजूद थे।