पटना । कांवरिया पथ (सुल्तानगंज-देवघर) के विकास कार्यों को श्रावण मेला से पहले हर हाल में पूरा करने का निर्देश उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने दिया है। पर्यटन मंत्री प्रमोद कुमार व अन्य वरीय अधिकारियों के साथ पर्यटन विभाग की विकास योजनाओं की उन्होंने समीक्षा की। पर्यटन विकास निगम को विकास कार्यों में तेजी लाने व ज्यादा से ज्यादा राशि खर्च करने का निर्देश दिया ।
कांवरिया सर्किट के लिए केंद्र सरकार से स्वीकृत 52 करोड़ 37 लाख की राशि में 10 करोड़ 47 लाख आवंटित की जा चुकी है। प्रधानमंत्री द्वारा घोषित 1 लाख 65 हजार करोड़ के पैकेज के अंतर्गत बिहार के धार्मिक, सांस्कृतिक व पर्यटन स्थलों के विकास के लिए 500 करोड़ की योजनाओं को स्वीकृति दी गई है।
बांका, भागलुपर और मुंगेर जिलांतर्गत सुल्तानगंज-देवघर के बीच पक्की सड़क के समानांतर कावंरियों की सुविधा के लिए विश्रामालय का निर्माण होगा। एनडीए 1 के दौरान कच्ची सड़क के किनारे महत्वपूर्ण स्थल थिहुतीजोर, लुल्हा शिवलोक, मोजमा, धानी बेलारी, कंकेश्वर स्थान, सूइया, अजगैबीनाथ व इनारावरण में स्वीकृत राशि से विश्रामालय का निर्माण होगा। मोजमा और धानी बेलारी में विश्रामालय के लिए जमीन अधिग्रहण का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा शौचालय, पेयजल व कैफेटेरिया के साथ ही सूचना कियोस्क, पूरे रास्ते में कावंरियों के बैठने के लिए 3366 बेंच, 1037 कांवर स्टैंड का निर्माण व 180 सोलर लाइट लगाये जायेंगे।
गांधी परिपथ के लिए 44 करोड़ 65 लाख की स्वीकृति के अतिरिक्त चंपारण सत्याग्रह शताब्दी वर्ष में बापू परिपथ के लिए 97 करोड़ 86 लाख रुपये व रामायण तथा बौद्ध सर्किट के लिए राशि की स्वीकृति प्रक्रियाधीन है। इसके अलावा जैन परिपथ के लिए 52 करोड़ 38 लाख और मंदार व अन्य परिपथ के लिए 53 करोड़ 49 लाख की स्वीकृति केंद्र सरकार ने दी है।