मुख्य समाचार

समय से हो भुगतान, तो बच सकती है बड़ी राशि  

पटना । उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी की अध्यक्षता में बजट पूर्व बैठक में केंद्रीय प्रक्षेत्र के लोक उपक्रम व प्रतिष्ठान के प्रतिनिधियों ने कई सुझाव दिए। प्रतिभागियों ने भूमि अभिलेख को कंप्यूटरीकृत व अद्यतन करने, कृषि लोन के लिए गारंटी फंड बनाने, कृषि बाजार समिति की  खाली पड़ी जमीन को गोदाम निर्माण के लिए उपलब्ध कराने, हवाई यात्रियों की सुविधा के लिए पटना एयरपोर्ट के समीप होटल का निर्माण, एटीएफ (हवाई जहाज के ईंधन) पर टैक्स कम करने, सड़क व फ्लाईओवर पर आॅप्टिकल फाइबर बिछाने के लिए पाइप लगाने, किरासन उपभोक्ताओं को भी डीबीटी के जरिए अनुदान का लाभ देने का सुझाव दिया। 
एनटीपीसी ने सुझाव दिया कि अगर राज्य सरकार समय से भुगतान करें, तो सालाना 160 करोड़ की बचत हो सकती है। पिछले दो महीने में सरकार को 39 करोड़ रुपये का भुगतान विलंब शुल्क के तौर पर करना पड़ा है। आरईसी के प्रतिनिधि ने भुगतान प्रक्रिया के सरलीकरण का सुझाव दिया। बीएसएनएल का सुझाव था कि पटना समेत राज्य के अन्य हिस्सों में बन रहे फ्लाईओवर और सड़कों के किनारे पाइप बिछायी जाए, जिसमें आसानी से आॅिप्टकल फाइबर वायर डाला जा सके। एनएचएआई ने बालू-पत्थर की कमी दूर करने का सुझाव दिया। 
गेल इंडिया के प्रतिनिधि ने विभिन्न तरह के अनापत्ति प्रमाण पत्रों के लिए सिंगल विंडो की व्यवस्था का सुझाव दिया। वेयरहाउस काॅरपोरेशन ने बिहार में भंडारण क्षमता के सृजन के लिए राज्य सरकार से खाली पड़ी कृषि बाजार समितियों की जमीन उपलब्ध कराने का सुझाव दिया। 
बैंक प्रतिनिधियों ने कृषि ऋण गारंटी फंड बनाने, कृषि प्रक्षेत्र के कर्ज पर उद्योग की तरह कैपिटल अनुदान की जगह ब्याज अनुदान देने, केसीसी धारक किसानों को समय से ऋण वापसी कर ब्याज अनुदान का लाभ लेने के लिए प्रेरित करने तथा प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना सभी 18 से 70 वर्ष के खाताधारकों के लिए अनिवार्य करने का सुझाव दिया। 
बैठक में वित्त विभाग की प्रधान सचिव सुजाता चतुर्वेदी, सचिव राहुल सिंह के अलावा बीएसएनल, गेल इंडिया लि., आरईसी, एनटीपीसी, ईईएसएल, एनएचएआई और सार्वजनिक क्षेत्र के विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।   


संबंधित खबरें