मुख्य समाचार

जमीन अधिग्रहण नहीं होने से कई रोड प्रोजेक्ट फंसे 

पटना । पथ निर्माण मंत्री नंद किशोर यादव ने माना कि सूबे में सड़क प्रोजेक्ट्स में विलंब की बड़ी वजह जमीन अधिग्रहण है। समाधान के लिए सरकार कुछ फाॅर्मूले पर काम कर रही है। लैंड पुलिंग नीति के तहत जो जमीन देने के लिए इच्छुक होंगे, उन्हें लाभ मिलेगा। उक्त बातें वह बीआईए सभागार में कह रहे थे।
उन्होंने कहा कि एलीवेटेड सड़क निर्माण प्रोजेक्ट पर भी सरकार कई जगहों पर काम कर रही है। कई प्रोजेक्ट के एलाइनमेंट नहीं होने से डीपीआर नहीं बन पा रहा था। इधर, एलाइनमेंट के काम में तेजी से 75 प्रतिशत प्रोजेक्ट्स का डीपीआर बन गया है। केंद्र सरकार की नीति है कि जब तक किसी प्रोजेक्ट के लिए आवश्यक जमीन का 75 प्रतिशत अधिग्रहण नहीं हो जाता है, तब तक वर्क आॅडर नहीं दिया जाये। 
पथ निर्माण मंत्री ने बताया कि सड़क पर अतिक्रमण हटाने का काम पथ निर्माण विभाग का नहीं, बल्कि जिला प्रशासन का है। पटना शहर के विस्तार के मद्देनजर रिंग रोड की परिकल्पना पर सरकार काम कर रही है। पटना-आरा-बक्सर सड़क प्रोजेक्ट विलंब में जमीन अधिग्रहण बड़ी समस्या है। खगौल से सगुना मोड़ तक बनने वाली सड़क को 8 लेन सड़क में परिवर्तित करने का निर्णय हो चुका है।
पटना की मेयर सीता साहू ने पटना नगर निगम क्षेत्र में बन रही सड़क तथा उनसे जुड़ी योजनाओं पर प्रकाश डाला।     
बीआईए के अध्यक्ष के.पी.एस. केशरी ने कहा कि सूबे में सड़कों की स्थिति पहले से काफी बेहतर हुई है। राष्ट्रीय राजमार्ग का बेहतर रख-रखाव कैसे हो। इस पर काम होना चाहिए। लंबित सड़क योजनाओं पर भी गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है। 
बीआईए इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट सबकमिटी के चेयरमैन ए.के.पी. सिन्हा ने कहा कि 4 लेन तथा 6 लेन सड़क के मामले में बिहार पीछे है। उन्होंने जमीन अधिग्रहण को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। 
इस अवसर पर बड़ी संख्या में एसोसिएशन के सदस्य उपस्थित थे। 
 


संबंधित खबरें