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आयकर स्लैब में कोई बदलाव नहीं, बुजुर्गों को राहत 

नई दिल्ली/पटना/01.02.18। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने नरेंद्र मोदी सरकार का अंतिम पूर्ण बजट गुरुवार को संसद में पेश किया। बजट में जहां कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य व बुजुर्गों पर जोर रहा, वहीं आयकर स्लैब में कोई बदलाव नहीं किए जाने से आम आदमी को निराशा मिली है। हालांकि वेतनभोगी कर्मचारी को स्टैंडर्ड डिडक्शन के नाम पर थोड़ी सी राहत दी गई है। इक्विटी में लांग टर्म कैपिटल गेन (एलटीसीजी)म्यूचुअल फंड डिविडेंड पर टैक्स प्रस्ताव से शेयर व म्यूचुअल फंड निवेशकों को झटका लगा है। 

बिहार कारोबार न्यूज ने बजट में आय कर की बारीकियों को आप तक सहज रूप में पहुंचाने की कोशिश की है।   

 :  वर्तमान आयकर स्लैब में कोई बदलाव नहीं, हेल्थ-एजुकेशन सेस 3 से बढ़कर 4 फीसदी

 : वेतन भोगी कर्मचारी को 40 हजार रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन (मानक कटौती) दिया गया है, लेकिन पहले से जारी ट्रांसपोर्ट अलाउंस (19,200 रुपये) और  मेडिकल रीइंबर्समेंट (15000 रुपये) की सुविधा ले ली गई है। यानी टैक्सेबल इनकम से 34200 रुपये की जगह अब 40000 कम होगा। तत्कालीन वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने 2006-07 में स्टैंडर्ड डिडक्शन वापस ले लिया था। 

: पेंशनर भी अब टैक्सेबल इनकम से स्टैंडर्ड डिडक्शन 40000 रुपये का छूट ले सकेंगे। पहले उन्हें यह सुविधा नहीं थी। सीनियर सिटिजन को बैंक व डाकघर से प्राप्त ब्याज आय पर कर छूट 10 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दी गई है। साथ ही सीनियर सिटिजन को 80 डी के अंतर्गत मेडिकल एक्सपेंस पर मिलने वाली छूट 30 हजार से बढ़कर 50 हजार हो गई है।

: 80 डीडीबी के अंतर्गत कुछ गंभीर बीमारियों पर इलाज की सीमा एक लाख कर दी गई है। सभी राशि मिला देने के बाद बुजुर्गों के लिए टैक्सेबल इनकम से छूट की राशि एक लाख से अधिक हो जाती है। इस तरह बजट में बुर्जर्गों का पूरा ख्याल सरकार ने रखा है। 

: शेयर मार्केट में निवेश पर लांग टर्म कैपिटल गेन (एलटीसीजी) 10 फीसदी लगेगा। एक लाख रुपये से अधिक के मुनाफे पर यह कर लगेगा। पहले एक साल से अधिक निवेश की गई राशि से प्राप्त आय पर एलटीसीजी शून्य था। इसी तरह म्यूचुअल फंड की इक्विटी आधारित स्कीम से प्राप्त डिविडेंड पर भी टैक्स 10 फीसदी लगेगा। 2005 में इक्विटी पर एलटीसीजी समाप्त कर दिया गया था।   

निवेश स्कीम   
: बुजुर्गों के लिए  प्रधानमंत्री वय वंदना स्कीम में निवेश की सीमा 7.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 15 लाख रुपये की गई है। इस स्कीम का काम एलआईसी देख रही है। इस पर 8 फीसदी ब्याज दिया जा रहा है। निवेश की अवधि बढ़ाकर मार्च 2020 की गयी है । 

: हाल में जारी संशोधित जीओआई बांड स्कीम में निवेश से प्राप्त 10000 तक के ब्याज पर कोई टीडीएस नहीं कटेेगा। इस पर 7.75 फीसदी ब्याज मिल रहा है। लाॅक इन 7 साल है। पहले ब्याज 8 फीसदी और लाॅक इन 6 साल था।   


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