पटना । बिहार इलेक्ट्रिक ट्रेडर्स एसोसिएशन की वार्षिक सभा को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि उद्योग के तर्ज पर व्यवसाय शुरू करने के लिए भी लाइसेंस, सभी तरह के प्रमाणपत्र व एनओसी आदि के लिए सिंगल विंडो सिस्टम की व्यवस्था पर सरकार निर्णय करेगी। उन्होंने व्यवसायियों से आह्वान किया कि वे आयकर, जीएसटी और सभी तरह के करों का समय पर पूरा भुगतान करें। कार्यक्रम का आयोजन बिहार चैंबर आॅफ काॅमर्स सभागार में हुआ।
मोदी ने कहा कि देश में वेतनभोगियों ने औसत प्रति व्यक्ति 75 हजार रुपये आयकर का भुगतान किया है जबकि व्यवसाय व विभिन्न पेशों (प्रोफेशंस) से जुड़े लोगों ने औसत प्रति व्यक्ति मात्र 25,753 रुपये का ही आयकर अदा किया है। व्यवसायियों को सचेत करते हुए कहा कि आयकर व जीएसटी से लेकर सभी तरह की कर व्यवस्था आईटी आधारित है। इस कारण अब किसी के लिए भी करवंचना करना मुश्किल होगा। राज्य सरकार की आय के मुख्य स्रोत कर और कर्ज हैं। कर्ज को ब्याज सहित वापस करना होता है। विकास के कई काम टैक्स से प्राप्त धन से ही संभव हो पाता है। इसलिए जितना अधिक कर प्राप्त होगा, उतना ही ज्यादा विकास का काम होगा।
इस मौके पर दधीचि देहदान समिति की ओर से अंगदान व देहदान के लिए प्रेरित करने वाला एक लघुचित्र दिखाया गया। एक दर्जन व्यवसायियों ने अंगदान करने की घोषणा की। मोदी ने महर्षि दधीचि, दानवीर कर्ण और भगवान विष्णु की चर्चा करते हुए कहा कि इस देश में अंगदान-देहदान की पौराणिक परंपरा रही है।