पटना । मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि एनआईटी,पटना के साथ राज्य सरकार डिजास्टर मैनेजमेंट पर काम करना चाहती है। इंजीनियरिंग की पढ़ाई में छात्र डिजाइन व स्ट्रक्चर पर विशेष ध्यान देते हैं। इसके साथ ही पर्यावरण पर भी नजर रखने की जरूरत है। इससे एनआईटी की अलग छवि बनेगी। राज्य सरकार से जोे भी सहायता होगी, वह मिलेगी। इस कॉलेेज से मेरा भावनात्मक लगाव रहा है। राज्य की नदियों पर अध्ययन होना चाहिए। आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय में रिवर सिस्टम के अध्ययन के लिए इंस्टीच्यूट बन रहा है। उक्त बातें मुख्यमंत्री एनआईटी के हेल्थ सेंटर सह एकेडमिक ब्लॉक के उदघाट्न के मौके पर कह रहे थे।
उन्होंने कहा कि बिहार को हमेशा बाढ़ की त्रासदी झेलनी पड़ती हैै। पिछले साल नेपाल से सटे जिलों में बड़ी तबाही हुई थी। गंगा में सिल्ट बढ़ता जा रहा है। गंगा का प्रवाह बना रहे। इस पर काम करने की जरूरत है। केंद्र सरकार ने इसके अध्ययन के लिए एक कमिटी बनायी है, जिसमें राज्य सरकार के प्रतिनिधि भी हैं।
सीएम नेे कहा कि पहले यह बिहार काॅलेज आॅफ इंजीनियरिंग था। आज यह एनआईटी के रूप में है। इसके लिए अटल जी की सरकार में केंद्रीय मंत्री रहते हुए व्यक्तिगत तौर पर मैंने काफी प्रयास किया था। इस कॉलेज के नए साइट के लिए 125 एकड़ भूमि का आवंटन हुआ है। नया कैंपस शीघ्र विकसित होगा। केंद्र सरकार ने 500 करोड़ रुपये का आवंटन किया हैै। पहले यहां छात्राएं नहीं पढ़ती थीं, लेकिन बाद में छात्राओं का भी नामांकन होने लगा। यह अच्छा संकेत है। एनआईटी पटना देश का श्रेष्ठ एनआईटी बने। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कोशिश होनी चाहिए। उन्होंने एक विशेष पत्रिका का विमोचन भी किया।
मौके पर एनआईटी, पटना के निदेशक प्रदीप कुमार जैन समेत सभी विभागों के अध्यक्ष एवं छात्र उपस्थित थे।