पटना । कृषि, सहकारिता, पशु, मत्स्य व मुर्गी पालक किसानों की बजट पूर्व तीसरी बैठक हुई। बैठक को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि बिजली आधारित खेती को बढ़ावा देने से उत्पादन लागत कम कर किसानों की आमदनी दोगुनी की जायेगी। अगले 2 साल में खेती के लिए बिजली का अलग फीडर होगा। रैयतों के मालिकाना हक को बरकरार रखते हुए गैर रैयत (बटाईदार) किसानों को भी बैंक ऋण व सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की व्यवस्था की जायेगी।
राज्य के पांच जिलों में दूध की तर्ज पर सब्जी के लिए को-आॅपरेटिव फेडरेशन का गठन कर सब्जी उत्पादकों को बाजार व संरक्षा की सुविधा दी जायेगी। 12 विभागों को मिला कर बने तीसरे कृषि रोड मैप में 2022 तक 1.54 लाख करोड़ खर्च करने का लक्ष्य है। सभी क्षेत्रों में उत्पादन बढ़ा है। किसानों को सरकार मात्र 4 फीसदी ब्याज पर कर्ज उपलब्ध करा रही है। समय पर कर्ज वापस कर किसान 1 प्रतिशत अनुदान का लाभ ले सकते हैं।
मोदी ने बताया कि बैठक में आए प्रतिनिधियों ने कृषि यंत्रों पर अनुदान बढ़ाने, ट्रैक्टर को कृषि उपकरण में शामिल करने, जलकर व तालाब को अतिक्रमण मुक्त व उड़ाही कराने, गुणवत्तापूर्ण बीज की उपलब्धता के लिए बीज प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने, सिंचाई के लिए सोलर पंप उपलब्ध कराने, नेपाल व बंगलादेश में प्याज के निर्यात को बढ़ावा देने, औषधीय व सुगंधित पौधों की खेती को बढ़ावा देने, नौजवानों को कृषि की ओर आकर्षित करने तथा कृषि, डेयरी, मछली और मुर्गी पालन के क्षेत्र में सशुल्क प्रशिक्षण देने का सुझाव दिया।
हर वर्ष 10 जुलाई को मछुआरा दिवस मनाया जायेगा। 13 फरवरी को कृषि वानिकी पर राज्य स्तरीय सम्मेलन बापू भवन में होगा, जिसका उद्घाटन मुख्यमंत्री करेंगे। मछली व मुर्गी पालक किसानों का भी एक दिन का अलग-अलग सम्मेलन कर उनसे विचार-विमर्श किया जायेगा।
बैठक में पशु व मत्स्य संसाधन मंत्री पशुपति कुमार पारस, सहकारिता मंत्री राणा रणधीर सिंह, राजस्व पर्षद के अध्यक्ष त्रिपुरारी शरण, कृषि उत्पादन आयुक्त सुनील कुमार सिंह, प्रधान सचिव सुधीर कुमार व सुजाता चतुर्वेदी , सचिव राहुल सिंह समेत संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे।