पटना । दक्षिण बिहार के 17 जिलों में भूमि एवं जलसंरक्षण परियोजनाओं से संबंधित बैठक कृषि मंत्री डाॅ प्रेम कुमार की अध्यक्षता में हुई। बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त सुनिल कुमार सिंह, प्रधान सचिव सुधीर कुमार, विशेष सचिव रवीन्द्रनाथ राय, निदेशक हिमांशु कुमार राय, निदेशक उद्यान अरविंदर सिंह, नाबार्ड के सीजीएम, निदेशक भूमि संरक्षण गुलाब यादव समेत कृषि विभाग एवं नाबार्ड के पदाधिकारी उपस्थित थे।
डाॅ प्रेम कुमार ने कहा कि दक्षिण बिहार के 17 जिलों के संपूर्ण क्षेत्र कोे भूमि एवं जल संरक्षण परियोजनाओं से आच्छादित करने की सरकार की योजना है। कृषि विभाग के प्रारंभिक आकलन के अनुसार लगभग 326 जलछाजन क्षेत्र परियोजनाओं (प्रति परियोजना लगभग 5,000 हेक्टेयर क्षेत्र) पर कार्य के लिए लगभग 2,487 करोड़ रुपये की आश्यकता होगी। इस कार्य के लिए केंद्र एवं राज्य की राशि के अलावा नाबार्ड की मदद की जरूरत होगी। इसके लिए नाबार्ड को एक प्रस्ताव भेजा जाएगा।
केंद्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के सहयोग से दक्षिण बिहार के 14 जिलों में राज्य में 123 जलछाजन योजनाएं चल रही हैं। प्रत्येक परियोजना को 5 से 7 वर्षों में पूरा करना है। 123 जलछाजन योजनाओं को पूरा करने में लगभग 550 करोड़ रुपये की आवश्यकता होगी। इस तरह क्रियान्वित एवं नई योजनाओं को मिलाकर 5 वर्षों में लगभग 3000 करोड़ रुपये की आवश्यकता होगी। प्रति वर्ष 600 करोड़ रुपये में नाबार्ड से 400 करोड़, केंद्र सरकार से 100 करोड़ एवं राज्य सरकार से 100 करोड़ से अगले 5 वर्षों में 5000 हेक्टयर क्षेत्र में सिंचाई की समुचित व्यवस्था करने में सरकार सक्षम होगी।
योजना से फसलों की सिंचाई व उत्पादन बढ़ाने, सूखे की स्थिति में फसल एवं पशुओं को राहत, पशुओं को गुणवत्ता युक्त चारा, पानी की उपयोगिता व रोजगार के अवसर बढ़ाने में मदद मिलेगी।